क्या ओडिशा में नई औद्योगिक क्रांति का आरंभ हो चुका है?

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क्या ओडिशा में नई औद्योगिक क्रांति का आरंभ हो चुका है?

सारांश

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने ओडिशा में औद्योगिक विकास की नई लहर का उद्घाटन किया। उन्होंने नए उद्योगों की स्थापना और रोजगार सृजन पर जोर दिया, जिससे क्षेत्र में नए अवसरों का निर्माण होगा। जानिए इस नई औद्योगिक क्रांति के बारे में और क्या है इसका महत्व।

Key Takeaways

  • ओडिशा में औद्योगिक क्रांति की शुरुआत।
  • 20 लाख करोड़ रुपए के निवेश की योजना।
  • 15 लाख नए रोजगार के अवसर।
  • पश्चिमी ओडिशा का औद्योगिक विकास।
  • स्थानीय रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा।

भुवनेश्वर, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मंगलवार को संबलपुर जिले के लापंगा में हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड के आदित्य एल्युमिनियम संयंत्र में भारत की पहली फ्लैट रोल्ड प्रोडक्ट्स (एफआरपी) एल्युमिनियम इकाई का उद्घाटन किया।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ओडिशा में एक नई औद्योगिक क्रांति प्रारंभ हो चुकी है।

सीएम माझी ने बताया कि राज्य ओडिशा में नए उद्योगों की स्थापना के लिए लगभग 20 लाख करोड़ रुपए की औद्योगिक परियोजनाओं पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। एक बार ये औद्योगिक प्रस्ताव लागू हो जाने पर ओडिशा में लगभग 15 लाख नए रोजगार का सृजन होगा।

इस परियोजना में 26,996 करोड़ रुपए का निवेश किया गया है, जिससे 5,012 लोगों के लिए रोजगार की उम्मीद है, जिससे डाउनस्ट्रीम विनिर्माण को मजबूती मिलेगी और क्षेत्र में नए आजीविका के अवसर पैदा होंगे।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "पश्चिमी ओडिशा आज आत्मविश्वास, अनुशासन और उद्यमशीलता का प्रतीक बन चुका है, जो जंगलों और कृषि भूमि से विश्व स्तरीय विनिर्माण के केंद्र में परिवर्तित हो रहा है।"

उन्होंने श्रमिकों को ओडिशा की औद्योगिक सफलता का असली सूत्रधार बताया और कहा कि उनकी मेहनत यह सुनिश्चित करती है कि उत्पादन कभी न रुके और प्रगति कभी धीमी न हो।

माझी ने कहा कि विकास को केवल निवेश या घोषणाओं से नहीं मापा जाता है, बल्कि लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन, युवाओं के लिए रोजगार, परिवारों के लिए सुरक्षा, बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा से मापा जाता है।

मुख्यमंत्री ने राज्य के पश्चिमी क्षेत्रों में औद्योगिक विकास पर जोर देते हुए कहा, "पश्चिमी ओडिशा एक वैश्विक औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा है, जहां विश्व स्तरीय निवेश जन-केंद्रित विकास से मिलता है। हमारा ध्यान स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन, लघु एवं मध्यम उद्यमों को सुदृढ़ करने, मूल्यवर्धित और हरित विनिर्माण को बढ़ावा देने और यह सुनिश्चित करने पर है कि उद्योग के विकास के साथ-साथ हर परिवार, हर गांव और हर युवा का भी विकास हो।"

उन्होंने लोगों से उद्योगों का खुले दिल और सक्रिय रूप से स्वागत करने की अपील की।

कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री माझी ने सुंदरगढ़ जिले के राउरकेला में सीआईआई एंटरप्राइज ओडिशा प्रदर्शनी 2026 के 25वें संस्करण का उद्घाटन भी किया।

इस प्रदर्शनी में विभिन्न क्षेत्रों की अग्रणी कंपनियां अपनी क्षमताओं, नवाचारों और औद्योगिक विकास की कहानियों का प्रदर्शन कर रही हैं। एंटरप्राइज ओडिशा एक प्रमुख औद्योगिक मंच है, जिसका उद्देश्य ओडिशा की औद्योगिक क्षमताओं और निवेश के अवसरों को प्रदर्शित करना है।

एक्सपो के उद्घाटन समारोह की शाम में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम और राउरकेला का पहला ड्रोन शो भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें पश्चिमी ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक जीवन और औद्योगिक प्रगति को प्रदर्शित किया गया।

Point of View

बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि इसके लाभ सीधे लोगों तक पहुंचे। यह विकास का एक समग्र दृष्टिकोण है जो रोजगार और शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण परिवर्तन लाने की उम्मीद करता है।
NationPress
04/02/2026

Frequently Asked Questions

ओडिशा में औद्योगिक विकास का क्या महत्व है?
ओडिशा में औद्योगिक विकास से नए रोजगार के अवसर उत्पन्न होते हैं और क्षेत्र की आर्थिक प्रगति होती है।
मुख्यमंत्री ने कौन सी परियोजना का उद्घाटन किया?
मुख्यमंत्री ने हिंडाल्को इंडस्ट्रीज के आदित्य एल्युमिनियम संयंत्र में भारत की पहली एफआरपी एल्युमिनियम इकाई का उद्घाटन किया।
इस परियोजना से कितने लोगों को रोजगार मिलेगा?
इस परियोजना से लगभग 5,012 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
ओडिशा में औद्योगिक क्रांति का लक्ष्य क्या है?
इसका लक्ष्य स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और लघु एवं मध्यम उद्यमों को सुदृढ़ करना है।
क्या ओडिशा में औद्योगिक विकास का कोई सांस्कृतिक पहलू है?
हाँ, औद्योगिक विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं, जो क्षेत्र की समृद्ध विरासत को प्रदर्शित करते हैं।
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