क्या मशहूर अभिनेता प्रसेनजीत चटर्जी के लिए पद्मश्री मिलना खुशी का पल है?
सारांश
Key Takeaways
- प्रसेनजीत चटर्जी को पद्मश्री पुरस्कार मिलने की घोषणा हुई है।
- यह पुरस्कार कला के क्षेत्र में उनके योगदान को मान्यता देता है।
- प्रसेनजीत ने यह पुरस्कार अपने सहयोगियों और दर्शकों को समर्पित किया।
- बंगाली सिनेमा की अनूठी पहचान और इसकी महत्वता पर चर्चा की गई।
- पद्म पुरस्कार हर साल गणतंत्र दिवस पर घोषित होते हैं।
कोलकाता, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार ने वर्ष 2026 के पद्म पुरस्कारों की घोषणा की। इस महत्वपूर्ण सूची में पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध अभिनेता प्रसेनजीत चटर्जी का नाम भी शामिल है, जिन्हें कला के क्षेत्र में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
प्रसेनजीत चटर्जी ने पुरस्कार की घोषणा पर अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा, "मैं भारत सरकार का दिल से धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने मुझे इस पुरस्कार के लिए चुना है।"
उन्होंने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "मैं पिछले 40 वर्षों से कला के क्षेत्र में सक्रिय हूं। यह सम्मान मेरे सभी सहयोगियों को समर्पित है जो मेरे साथ काम करते हैं और उन दर्शकों को जो मुझे इतना प्यार देते हैं।" उन्होंने आगे कहा, "मुझे इस खबर का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था। मैं एक नए सिनेमा की रिलीज के सिलसिले में बाहर गया हुआ था, जो अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। वहीं मुझे पता चला कि मुझे देश का इतना बड़ा सम्मान मिलने वाला है। मैं एक बार फिर तहे दिल से भारत सरकार का बहुत-बहुत धन्यवाद करना चाहता हूं। यह मेरे और मेरी बंगाली इंडस्ट्री के लिए एक बहुत बड़ी बात है। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि राष्ट्रपति के हाथों से मुझे पद्मश्री अवॉर्ड मिलने वाला है।"
प्रसेनजीत चटर्जी ने बंगाली सिनेमा के बारे में चर्चा करते हुए कहा, "बंगाली फिल्म के बारे में लोगों में यह धारणा होती है कि वे अलग होते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। सभी क्षेत्रों में फिल्मों का निर्माण अलग-अलग तरीके से होता है, लेकिन अंततः हम सभी भारतीय सिनेमा ही हैं।"
उन्होंने कहा, "जब भी आप वैश्विक सिनेमा की बात करते हैं, तो बंगाली फिल्मों का उल्लेख जरूर होता है। आप बंगाली फिल्मों को नजरअंदाज नहीं कर सकते। हमें बंगाली फिल्में बनानी चाहिए और फिल्म का कल्चर भी बनाए रखना चाहिए।"
प्रसेनजीत ने यह भी कहा, "मराठी या पंजाबी, सभी प्रकार की फिल्मों में कहानी कहने के अपने तरीके हैं, लेकिन अंततः सभी फिल्में भारतीय सिनेमा की ही हैं।"
गौरतलब है कि पद्म श्री किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है। इन पुरस्कारों की घोषणा हर साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है।