क्या संसद के शीतकालीन सत्र से पहले 30 नवंबर को सर्वदलीय बैठक होगी?

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क्या संसद के शीतकालीन सत्र से पहले 30 नवंबर को सर्वदलीय बैठक होगी?

सारांश

क्या आप जानते हैं कि संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू हो रहा है? केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि इसके पहले 30 नवंबर को सर्वदलीय बैठक होगी, जिसमें सभी दलों की राय सुनी जाएगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा होगी। जानिए इस सत्र से जुड़ी अन्य जरूरी बातें।

Key Takeaways

  • सर्वदलीय बैठक में सभी दलों की राय सुनी जाएगी।
  • शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू होगा।
  • इस सत्र में 10 महत्वपूर्ण बिल पेश होंगे।
  • 'वंदे मातरम' पर पूरे दिन चर्चा होगी।
  • विपक्ष मतदाता सूची के पुनरीक्षण का विरोध कर रहा है।

नई दिल्ली, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। एक दिसंबर से संसद का शीतकालीन सत्र आरंभ होने जा रहा है। इस सत्र से पहले, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को जानकारी दी कि रविवार को एक सर्वदलीय बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें सरकार सभी राजनीतिक दलों की बातों को सुनेगी।

किरेन रिजिजू ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया, “रविवार को सर्वदलीय बैठक होगी और हम वहां सभी की बात सुनेंगे। संसद के शिष्टाचार को लेकर सभी सदस्य अवगत हैं।” इस बैठक में किरेन रिजिजू दोनों सदनों के सदस्यों से मिलेंगे।

इस बैठक के दौरान, सरकार लोकसभा और राज्यसभा के कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी राजनीतिक दलों से सहयोग की अपेक्षा करेगी। शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक चलेगा और इसमें कई महत्वपूर्ण कानूनों पर चर्चा की जाएगी।

सरकार शीतकालीन सत्र की शुरुआत 'वंदे मातरम' पर पूरे दिन चर्चा से करना चाहती है, क्योंकि इस वर्ष इस राष्ट्रीय गीत के 150 साल पूरे हो रहे हैं।

बता दें कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 नवंबर को कहा था, “1937 में ‘वंदे मातरम’ के आवश्यक हिस्से हटा दिए गए थे। इस कारण देश के बंटवारे के बीज बोए गए। आज की पीढ़ी को यह समझने की आवश्यकता है कि इस महान मंत्र के साथ इतना अन्याय क्यों किया गया।”

सरकार इस सत्र में 10 महत्वपूर्ण बिल भी पेश करने की योजना बना रही है, जिनमें परमाणु ऊर्जा, उच्च शिक्षा, कॉर्पोरेट कानून और सिक्योरिटीज मार्केट से संबंधित बिल शामिल हैं।

वहीं, विपक्ष चुनाव आयोग द्वारा किए जा रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का कड़ा विरोध करने की योजना बना रहा है।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “भारत की जीडीपी 8.2 प्रतिशत तक बढ़ गई है। यह देश के लिए एक शानदार उपलब्धि है और वैश्विक स्तर पर सकारात्मक संकेत भेजता है। यह हमारे मजबूत आर्थिक प्रदर्शन को दर्शाता है।”

Point of View

क्योंकि यह विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच संवाद को बढ़ावा देने का एक अवसर प्रदान करता है। संसद का शीतकालीन सत्र कई महत्वपूर्ण कानूनों पर चर्चा का मंच बनेगा, जो राष्ट्र के विकास के लिए आवश्यक हैं। सभी दलों को अपनी बात रखने का मौका मिलना चाहिए, ताकि लोकतंत्र को मजबूती मिले।
NationPress
29/11/2025

Frequently Asked Questions

सर्वदलीय बैठक का उद्देश्य क्या है?
सर्वदलीय बैठक का उद्देश्य सभी राजनीतिक दलों की राय को सुनना और संसद के कार्यों के सुचारू संचालन के लिए सहयोग प्राप्त करना है।
शीतकालीन सत्र कब शुरू हो रहा है?
शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू होगा और 19 दिसंबर तक चलेगा।
किस विषय पर चर्चा की जाएगी?
इस सत्र में कई महत्वपूर्ण कानूनों पर चर्चा और उन्हें पास कराने की योजना है।
क्या 'वंदे मातरम' पर चर्चा होगी?
'वंदे मातरम' के 150 साल पूरे होने पर इस पर चर्चा की जाएगी।
विपक्ष का क्या कहना है?
विपक्ष चुनाव आयोग द्वारा किए जा रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का विरोध कर रहा है।
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