पतलीकूहल में कंगना रनौत का विरोध क्यों हुआ?
सारांश
मुख्य बातें
पतलीकूहल, 18 सितंबर। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में स्थित पतलीकूहल में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने आईं सांसद कंगना रनौत को एक बड़े विरोध का सामना करना पड़ा। जैसे ही कंगना रनौत नग्गर पुल के निकट क्षतिग्रस्त सड़क का निरीक्षण करने पहुंचीं, वहां उपस्थित यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें काले झंडे दिखाए और जोरदार नारे लगाते हुए 'कंगना गो बैक' के नारे लगाए।
विरोध प्रदर्शन के दौरान भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प भी हुई। स्थिति बिगड़ने से पहले पुलिस ने हस्तक्षेप किया और मौके पर मौजूद तीन प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
मनाली यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष मनीष ठाकुर ने कहा कि जब कुल्लू-मनाली में भारी तबाही आई थी, उस समय सांसद कंगना रनौत अपने क्षेत्र से अनुपस्थित रहीं। जब लोग संकट में थे, तब सांसद को क्षेत्र की स्थिति जानने की आवश्यकता महसूस नहीं हुई, लेकिन अब जब हालात कुछ हद तक सामान्य हो गए हैं, तब वह राजनीति चमकाने के लिए दौरे पर आई हैं।
साथ ही, तमिलनाडु कांग्रेस के अध्यक्ष के. एस. अलागिरी के विवादास्पद बयान पर भी कंगना रनौत ने तीखा जवाब दिया। अलागिरी ने कहा था कि यदि कंगना तमिलनाडु आती हैं तो उन्हें थप्पड़ मारा जाए। इस पर पलटवार करते हुए कंगना ने कहा कि भारत में उन्हें कहीं भी जाने से कोई नहीं रोक सकता। तमिलनाडु में यदि कुछ लोग उनसे नफरत करते हैं तो कई लोग उन्हें पसंद भी करते हैं।
कंगना ने यह भी याद दिलाया कि जब उन्होंने तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता पर बनी फिल्म थलैवी में अभिनय किया था, तब वहां के कई सांसद और लोग उन्हें 'थलैवी' कहकर सम्मान देते थे। उन्होंने कहा कि किसी एक व्यक्ति के कहने से उनकी छवि या लोकप्रियता पर कोई असर नहीं पड़ता।
महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक भाषा का उपयोग करने पर उन्होंने कड़े शब्दों में आपत्ति जताई। कंगना ने कहा कि अगर इस तरह की सोच को बढ़ावा दिया गया तो फिर हर लड़का यह सोचेगा कि वह कॉलेज की किसी लड़की या अपने मोहल्ले की बेटी–बहन के साथ भी वैसा ही व्यवहार कर सकता है। यह मानसिकता गलत है और इसे रोकना आवश्यक है।