क्या पटना में माफिया पर पुलिस की कार्रवाई से अपराध में कमी आएगी?
सारांश
Key Takeaways
- पटना पुलिस ने 11 अपराधियों को गिरफ्तार किया।
- गिरोह का सरगना भी गिरफ्तार किया गया है।
- पुलिस ने अवैध सामान बरामद किया।
- यह कार्रवाई बिहार सरकार की माफिया विरोधी नीति का हिस्सा है।
- समाज में न्याय और सुरक्षा की भावना को पुनर्स्थापित करना जरूरी है।
पटना, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार सरकार द्वारा माफिया के खिलाफ कार्रवाई को और तेज करने के ऐलान का असर अब साफ दिखने लगा है। पटना पुलिस ने गौरीचक थाना क्षेत्र में रविवार को एक बड़ी कार्यवाही करते हुए जमीनों पर अवैध कब्जा दिलाने वाले एक संगठित गिरोह का खुलासा करते हुए 11 अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में गिरोह का सरगना भी शामिल है।
पटना पूर्वी के पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि अंडारी क्षेत्र में कुछ अपराधी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए इकट्ठा हुए हैं। इसी सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित ठिकानों पर छापेमारी की गई और 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार लोगों में गिरोह का सरगना रौशन कुमार भी शामिल है।
इस दौरान पुलिस ने अपराधियों के पास से दो देसी कट्टे, सात जिंदा कारतूस, दो मोटरसाइकिल और करीब 11 लीटर अवैध विदेशी शराब बरामद की है। हालांकि, इस दौरान गिरोह का एक सदस्य मौके से फरार होने में सफल रहा, जिसकी तलाश में पुलिस की छापेमारी जारी है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त सोशल मीडिया के माध्यम से सक्रिय थे और जमीन पर अवैध कब्जा दिलाने के नाम पर लोगों से मोटी रकम वसूलते थे।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे हथियार के बल पर अवैध जमीनों पर कब्जा दिलाने का धंधा चला रहे थे। पुलिस ने गिरफ्तार अपराधियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गृह विभाग का पदभार संभालने के बाद प्रदेश में माफिया और अपराधियों पर शिकंजा कसने का वादा किया है।