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क्या पवन खेड़ा की पत्नी कोटा नीलिमा पर दो वोटर आईडी रखने का आरोप सही है?

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क्या पवन खेड़ा की पत्नी कोटा नीलिमा पर दो वोटर आईडी रखने का आरोप सही है?

सारांश

क्या कोटा नीलिमा पर दो वोटर आईडी रखने का आरोप सही है? इस मामले में भाजपा नेता अमित मालवीय ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और क्या है नीलिमा का सच।

मुख्य बातें

पवन खेड़ा की पत्नी कोटा नीलिमा पर दो वोटर आईडी रखने का आरोप भाजपा के अमित मालवीय ने जांच की मांग की कांग्रेस ने आरोपों को नकारा चुनाव आयोग की भूमिका महत्वपूर्ण होगी लोकतंत्र में पारदर्शिता की आवश्यकता

नई दिल्ली, 3 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा की पत्नी कोटा नीलिमा दो वोटर आईडी के मामले में विवादों में आ गई हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने यह दावा किया है कि तेलंगाना के खैरताबाद से चुनाव लड़ने वाली नीलिमा के पास दो सक्रिय मतदाता पहचान पत्र हैं। मालवीय ने चुनाव आयोग से इसकी जांच करने की मांग की है।

मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर मतदाता सूची शेयर करते हुए आरोप लगाया कि कोटा नीलिमा का नाम खैरताबाद और नई दिल्ली, दोनों जगहों की वोटर लिस्ट में दर्ज है। उनके अनुसार, नीलिमा ने 2023 में दाखिल शपथपत्र में अपने खैरताबाद स्थित एपिक नंबर टीजीजेड2666014 का उल्लेख किया था, जो 2025 तक सक्रिय है। यह एपिक 'गफ्फर खान कॉलोनी रोड नं. 10' पते पर पंजीकृत था, जो अब 'गौरी शंकर नगर वेलफेयर एसोसिएशन' पते पर दर्ज है।

इसके साथ ही, मालवीय ने यह भी दावा किया कि कोटा नीलिमा के पास एक और एपिक नंबर (एसजेई0755975) है, जिसमें नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के काका नगर इलाके का पता दर्ज है। इस एपिक में नाम 'के. नीलिमा' लिखा है और पति के नाम में पवन खेड़ा का उल्लेख है।

अमित मालवीय ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के कई नेता 'वोट चोरी' में लिप्त हैं और खुद को ईमानदार दिखाते हुए आम नागरिकों पर सवाल खड़ा कर रहे हैं।

उन्होंने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिना पर्याप्त जांच के आम वोटरों की पहचान उजागर कर उन्हें खतरे में डालते हैं, जबकि अपनी पार्टी के नेताओं की कथित गड़बड़ियों पर चुप्पी साधे रहते हैं।

कांग्रेस पर हमला बोलते हुए भाजपा नेता ने कहा, "राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बिना किसी उचित जांच-पड़ताल के ईमानदार मतदाताओं को निशाना बनाया और उन्हें बदनाम किया, यहां तक कि बिना सहमति के उनकी पहचान उजागर करके उन्हें खतरे में डाल दिया। उन्होंने युवा, तरक्की की राह पर अग्रसर पेशेवरों और बेहतर अवसरों की तलाश में शहर बदलने वाले गरीब दिहाड़ी मजदूरों की पहचान उजागर की। फिर भी उन्होंने इस चौंकाने वाले खुलासे पर चुप्पी साधे रखी है कि उनके करीबी सहयोगी के पास दो एपिक नंबर हैं।"

पवन खेड़ा और उनकी पत्नी कोटा नीलिमा का उदाहरण देते हुए अमित मालवीय ने कहा कि यह बिल्कुल स्पष्ट है कि कांग्रेस नेताओं के पास कई एपिक नंबर हैं और वे एक से ज्यादा जगहों पर पंजीकृत मतदाता हैं। यह कोई संयोग नहीं है। 'वोट चोरी' में लिप्त लोग ही आम नागरिकों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करने और हमारी संस्थाओं को कमजोर करने के लिए बदनाम कर रहे हैं।

भाजपा नेता ने अपनी पोस्ट में लिखा, "यह मामला सिर्फ पवन खेड़ा और उनके परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व तक फैला हुआ है।" सोनिया गांधी का नाम लेते हुए उन्होंने दावा किया कि 1980 में उन्होंने इटली की नागरिक होने के बावजूद भारत की वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वाया था।

मालवीय ने आरोप लगाए, "कांग्रेस और 'इंडिया' गठबंधन अवैध प्रवासियों और गैर-भारतीयों का बचाव करने के लिए हमारे अपने लोगों पर ही आरोप लगा रहे हैं।"

मालवीय ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सीधा हमला करते हुए कहा कि वे अपने ही दल के भीतर, खासकर सार्वजनिक पद के इच्छुक लोगों और अपने करीबी लोगों के साथ, इन आपराधिक कृत्यों से खुद को मुक्त नहीं कर सकते। उन्हें बोलना चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या कोटा नीलिमा के पास वाकई दो वोटर आईडी हैं?
भाजपा के नेता अमित मालवीय के अनुसार, नीलिमा के पास दो सक्रिय वोटर आईडी हैं, लेकिन इस पर अभी जांच जारी है।
इस आरोप का कांग्रेस ने क्या जवाब दिया है?
कांग्रेस ने इस मामले को भाजपा का राजनीतिक हथकंडा बताया है और आरोपों को नकारा है।
क्या चुनाव आयोग इस मामले की जांच करेगा?
अमित मालवीय ने चुनाव आयोग से जांच की मांग की है, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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