क्या प्रधानमंत्री मोदी रायपुर में डीजीपी-आईजीपी सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे?
सारांश
Key Takeaways
- प्रधानमंत्री मोदी डीजीपी-आईजीपी सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे।
- सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा की जाएगी।
- वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को प्रेसिडेंट पुलिस मेडल से सम्मानित किया जाएगा।
- रायपुर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
- यह सम्मेलन देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने का प्रयास है।
नई दिल्ली, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) रायपुर में आयोजित पुलिस महानिदेशक और पुलिस महानिरीक्षक (डीजीपी-आईजीपी) के 60वें ऑल इंडिया कॉन्फ्रेंस के मुख्य बिजनेस और समापन सत्र की अध्यक्षता करेंगे।
यह उच्चस्तरीय वार्षिक सुरक्षा सम्मेलन "डेवलप्ड इंडिया: सिक्योरिटी डाइमेंशन्स" के लिए एक आगे का रोडमैप तैयार करने पर केंद्रित है।
इस सत्र का उद्देश्य देश की प्रमुख पुलिस और इंटेलिजेंस लीडरशिप को एकत्रित करना है, ताकि वे आवश्यक आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा कर सकें और “सेफ इंडिया” के लिए रणनीतियाँ विकसित कर सकें।
इसमें काउंटर टेररिज्म, लेफ्ट-विंग एक्सट्रीमिज्म (एलडब्लूई), साइबर क्राइम, नारकोटिक्स ट्रैफिकिंग, बॉर्डर मैनेजमेंट, डिजास्टर रिस्पॉन्स, महिलाओं की सुरक्षा और मॉडर्न पुलिसिंग में फोरेंसिक साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते उपयोग जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सत्र के दौरान देश के विभिन्न वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को उनके अद्वितीय योगदान के लिए प्रेसिडेंट पुलिस मेडल से सम्मानित करेंगे।
तीन दिन चलने वाले इस सत्र का उद्घाटन शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया था। इसमें नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजीत डोभाल, इंटेलिजेंस ब्यूरोतपन डेका, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, सभी राज्य पुलिस बल के डायरेक्टर जनरल और सेंट्रल आर्म्ड पुलिस संगठन के प्रमुख शामिल हो रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान रायपुर को व्यापक सुरक्षा कवरेज में रखा गया है। स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी), एनएसजी कमांडो, सीआरपीएफ यूनिट और राज्य पुलिस की मल्टी-लेयर्ड सुरक्षा ने शहर को सुरक्षित जोन में बदल दिया है। विशेष स्थानों पर ड्रोन से निगरानी, ट्रैफिक डायवर्जन और गहन जांच अभियान लागू किए गए हैं।
पीएम मोदी अपने तीन दिन के प्रवास के लिए शुक्रवार शाम को रायपुर पहुंचे थे। यह हाल के वर्षों में पहली बार है जब वे लगातार कई रातें छत्तीसगढ़ में बिता रहे हैं, जिससे इस दौरे का राजनीतिक महत्व और भी बढ़ गया है।