क्या पीएम सूर्य घर योजना से 7.7 लाख घरों को मिली राहत, क्या बिजली बिल अब शून्य हो गया?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या पीएम सूर्य घर योजना से 7.7 लाख घरों को मिली राहत, क्या बिजली बिल अब शून्य हो गया?

सारांश

प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना ने 7.7 लाख से अधिक घरों को बिजली बिल से राहत दिलाई है। इस योजना के तहत सोलर पैनल लगाने से परिवारों को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा का लाभ मिल रहा है। जानें इस योजना की विशेषताएँ और इसके प्रभाव के बारे में।

मुख्य बातें

7.7 लाख घरों का बिजली बिल शून्य हुआ है।
सोलर पैनल लगाने से सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध हो रही है।
इस योजना का लक्ष्य एक करोड़ घरों में सोलर सिस्टम लगाना है।
सरकार ने 75,021 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया है।
गुजरात में 4.93 लाख सोलर सिस्टम लगाए गए हैं।

नई दिल्ली, 16 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना देश के घरों की बिजली व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन ला रही है। इस योजना के तहत अब तक देश के 7.7 लाख से अधिक घरों का बिजली बिल शून्य हो गया है। इस योजना में घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं, जिससे लोग बिजली बिल से मुक्त हो रहे हैं। यह जानकारी मंगलवार को नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने साझा की।

फरवरी 2024 में आरंभ की गई इस योजना का मुख्य लक्ष्य लोगों को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराना और उनके घरों का बिजली खर्च कम करना है। साथ ही, यह योजना देश को स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में आगे बढ़ाने में सहायता कर रही है।

राज्यसभा में जानकारी साझा करते हुए नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपद येसो नाइक ने बताया कि 9 दिसंबर तक पूरे देश में 19,45,758 रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं। इन सोलर सिस्टम से 24,35,196 परिवारों को लाभ मिला है। इनमें से लाखों परिवार ऐसे हैं जिनका बिजली बिल अब पूरी तरह समाप्त हो चुका है।

इस योजना का लक्ष्य वित्त वर्ष 2026–27 तक देश के एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाना है। इसके लिए सरकार ने 75,021 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया है।

इस योजना का उद्देश्य ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना, बिजली के बिल को कम करना और देश के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन में योगदान करना है।

मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इस योजना में गुजरात सबसे आगे है, जहां अब तक 4.93 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए गए हैं, जिससे 7.10 लाख से अधिक परिवारों को लाभ हुआ है। इनमें से 3.62 लाख घरों का बिजली बिल पूरी तरह शून्य हो गया है।

गुजरात के अलावा आंध्र प्रदेश, असम और हरियाणा जैसे राज्यों में भी इस योजना के तहत अच्छी प्रगति हो रही है। इन राज्यों में हजारों परिवारों ने अपने घरों की छतों पर सोलर सिस्टम स्थापित किए हैं और अब वे सस्ती और स्वच्छ बिजली का उपयोग कर रहे हैं।

सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि सोलर सिस्टम लगवाना आम लोगों के लिए आसान और सस्ता हो। इसके लिए केंद्र सरकार आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है और बिना गारंटी का सस्ता लोन भी उपलब्ध करा रही है। इस लोन पर ब्याज दर केवल 5.75 प्रतिशत रखी गई है, जिससे सोलर सिस्टम लगाने का शुरुआती खर्च कम हो जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पर्यावरण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। सरकार का प्रयास है कि सभी नागरिकों को स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा मिल सके।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना क्या है?
यह योजना घरों में सोलर पैनल लगाने के माध्यम से बिजली बिल को शून्य करने का प्रयास करती है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य लोगों को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराना है।
क्या इस योजना का लाभ सभी को मिलेगा?
हां, यह योजना सभी योग्य परिवारों के लिए उपलब्ध है।
सरकार इस योजना के लिए कितना बजट आवंटित कर रही है?
सरकार ने इस योजना के लिए ₹75,021 करोड़ का बजट निर्धारित किया है।
इस योजना का लाभ उठाने के लिए क्या करना होगा?
उचित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करना होगा और सोलर पैनल लगाने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
राष्ट्र प्रेस