क्या पीएम मोदी 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' में हिस्सा लेंगे?
सारांश
Key Takeaways
- प्रधानमंत्री मोदी का सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल होना
- 72 घंटे का ओमकार जाप
- सोमनाथ मंदिर का ऐतिहासिक पुनर्निर्माण
- सांस्कृतिक कार्यक्रम और महारास
- लंगर की व्यवस्था और शौर्य यात्रा
सोमनाथ, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' में उपस्थित होंगे। इस अवसर पर सोमनाथ ट्रस्ट की एक महत्वपूर्ण बैठक भी आयोजित की जाएगी। यह जानकारी शुक्रवार को गुजरात सरकार के प्रवक्ता और मंत्री जीतू वाघाणी ने साझा की।
मंत्री ने बताया कि 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह भारत के स्वाभिमान और आस्था का प्रतीक है। इस अवसर पर आयोजित 72 घंटे का ओमकार जाप पूरे वातावरण को भक्ति से भर देगा। यह पर्व देश की सांस्कृतिक चेतना को सशक्त बनाने का संदेश भी देता है।
उन्होंने सोमनाथ मंदिर के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महमूद गजनवी के आक्रमणों के बावजूद, यह मंदिर आज भी भारतीय आस्था का एक मजबूत प्रतीक है। जब देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया, तब तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने स्पष्ट किया था कि सरकारी धन का उपयोग नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद, सरदार पटेल ने दृढ़ता के साथ सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण सुनिश्चित किया, जो आज राष्ट्र के आत्मसम्मान का प्रतीक बन चुका है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को शाम 5:30 बजे सोमनाथ की पवित्र भूमि पर पहुंचेंगे। इस दौरान सोमनाथ ट्रस्ट की बैठक आयोजित होगी और लगभग तीन हजार ड्रोन शो से भव्य दृश्य प्रस्तुत किया जाएगा। मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया गया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में पूरी टीम और प्रशासन ने इस अद्भुत आयोजन को अल्प समय में संभव बनाया है।
जीतू वाघाणी ने कहा कि पांच दिनों में तैयार किया गया यह दिव्य वातावरण भगवान शिव की ऊर्जा का अनुभव कराता है। 72 घंटे का ओमकार जाप श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव प्रदान कर रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी इसके बाद राजकोट भी जाएंगे।
मंत्री ने देशवासियों से इस आयोजन में भाग लेने की अपील की, यह पर्व किसी एक दल या वर्ग का नहीं, बल्कि सभी के स्वाभिमान का पर्व है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और आम जनता को इसमें शामिल होने का निमंत्रण दिया। आयोजन के दौरान लंगर की व्यवस्था की गई है, जबकि 11 जनवरी को 'शौर्य' यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें हजारों लोग भाग लेंगे।
उन्होंने बताया कि 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के अंतर्गत महारास, भजन मंडलियां और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसके लिए 32 मंच तैयार किए गए हैं, जहां 16 राज्यों के कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। 8 से 10 जनवरी तक निरंतर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, जो देश की एकता और सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करेंगे।