प्रतुल शाहदेव का बड़ा दावा: बंगाल में भाजपा बनाएगी पूर्ण बहुमत की सरकार
सारांश
Key Takeaways
- प्रतुल शाहदेव का दावा है कि बंगाल में भाजपा पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी।
- बंगाल में 91 लाख फर्जी वोटरों का मुद्दा उठाया गया।
- जनता से अपील की गई कि मतदान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।
- आरएसएस का देश के प्रति समर्पण पर जोर दिया गया।
रांची, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के नेता प्रतुल शाहदेव ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने कहा कि बंगाल में भाजपा पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
रांची में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में प्रतुल शाहदेव ने कहा कि हम पूरी तरह से पश्चिम बंगाल में बहुमत की सरकार बनाने के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में लगभग 91 लाख फर्जी वोटर मौजूद थे, जो ममता बनर्जी के मुख्य वोट बैंक में शामिल थे। इसी के चलते वे चुनाव जीतती रही हैं, क्योंकि स्थानीय प्रशासन उनके प्रभाव में रहता था। यह भी स्पष्ट है कि मालदा में ज्यूडिशियल ऑफिसर्स को 9 घंटे तक घेरकर रखा गया था, जिससे यह सिद्ध होता है कि स्थानीय प्रशासन अभी भी उनके प्रभाव में है।
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि मौजूदा चीफ सेक्रेटरी ने कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस का फोन नहीं उठाया, जिस पर सीजेआई को कहना पड़ा कि आपको फोन उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से पूरी ब्यूरोक्रेसी को राजनीतिकरण किया गया है, वह अब समाप्त होने वाला है। बंगाल से घुसपैठियों को पहचान कर बाहर किया जाएगा। भाजपा पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी।
उन्होंने तीन राज्यों में चल रहे मतदान पर जनता से अपील की कि वे बड़ी संख्या में मतदान के लिए आएं और देर शाम तक रिकॉर्ड मतदान करें। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी सहभागिता निभाने के लिए अपने अमूल्य वोट का प्रयोग करें। तीनों राज्यों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि केरल में भाजपा अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने जा रही है। जो लोग कहते थे कि वहां भाजपा का खाता नहीं खुलेगा, वे भी अब मान रहे हैं कि भाजपा वहां मजबूती से लड़ रही है।
संघ पर विपक्षी दलों के बयान पर उन्होंने कहा कि आरएसएस एक राष्ट्रवादी संगठन है, जो सौ वर्षों से देश की सेवा में लगा हुआ है। देश में जब भी विपत्ति आती है, आरएसएस के स्वयंसेवक लोगों की मदद के लिए तत्पर रहते हैं। कोविड काल के दौरान भी संघ के कार्यकर्ता बिना किसी स्वार्थ के काम करते रहे हैं।