क्या राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तिरुमाला मंदिर में पूजा-अर्चना की?

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क्या राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तिरुमाला मंदिर में पूजा-अर्चना की?

सारांश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तिरुमाला पहाड़ी पर स्थित श्री वेंकटेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस धार्मिक यात्रा में उन्होंने कई अन्य मंदिरों में भी दर्शन किए और आंध्र प्रदेश के अधिकारियों द्वारा सम्मानित की गईं। आइये जानते हैं उनके इस महत्वपूर्ण यात्रा के बारे में।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तिरुमाला में पूजा-अर्चना की।
उन्होंने श्री भू वराहस्वामी मंदिर में भी दर्शन किए।
टीटीडी के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
राष्ट्रपति ने भारतीय कला महोत्सव 2025 का उद्घाटन करने का भी निर्णय लिया है।
वे पुट्टपर्थी में श्री सत्य साईं बाबा की 100वीं जयंती समारोह में शामिल होंगी।

तिरुपति, 21 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को तिरुमाला पहाड़ी पर स्थित श्री वेंकटेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना की।

उन्होंने सुबह पद्मावती गेस्ट हाउस से प्रस्थान किया और तिरुमाला की परंपरा के अनुसार सबसे पहले श्री भू वराहस्वामी मंदिर में दर्शन किए।

इसके उपरांत, वह तिरुमाला मंदिर पहुँचीं, जहाँ तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के अध्यक्ष बीआर नायडू, कार्यकारी अधिकारी अनिल कुमार सिंघल और अन्य अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।

मंदिर के पुजारियों ने परंपरा के अनुसार उनका 'इस्तिकपाल' स्वागत किया। इसके बाद मंदिर में द्वारस्तंभ पर प्रार्थना करने के बाद राष्ट्रपति ने भगवान के दर्शन किए। उनके साथ आंध्र प्रदेश के बंदोबस्ती मंत्री अनम रामनारायण रेड्डी भी उपस्थित थे।

बाद में, राष्ट्रपति को रंगनायकुला मंडपम में पुजारियों ने 'वेदाशिर्वचनम' का आशीर्वाद प्रदान किया। टीटीडी अध्यक्ष और ईओ ने राष्ट्रपति को श्रीवारी तस्वीरें, तीर्थ प्रसादम, टीटीडी 2026 कैलेंडर और डायरी भेंट की।

इस कार्यक्रम में टीटीडी बोर्ड के सदस्य पनबाका लक्ष्मी, जानकी देवी, भानु प्रकाश रेड्डी और अन्य लोग भी उपस्थित रहे।

राष्ट्रपति मुर्मू गुरुवार को तिरुपति पहुँची थीं। उन्होंने तिरुचनूर में श्री पद्मावती अम्मावारी मंदिर में दर्शन और पूजा की। इसके बाद, गुरुवार की शाम को वे तिरुमाला पहुँचीं, जहाँ आंध्र प्रदेश की गृह मंत्री वंग्लापुडी अनिता और टीटीडी अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।

तिरुमाला मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद, राष्ट्रपति हैदराबाद के लिए रवाना हुईं, जहाँ वह सिकंदराबाद में राष्ट्रपति निलयम में भारतीय कला महोत्सव 2025 का उद्घाटन करेंगी।

भारतीय कला महोत्सव के दूसरे संस्करण में गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, गोवा, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव की सांस्कृतिक, खाद्य और कलात्मक परंपराओं का प्रदर्शन किया जाएगा।

रात के समय राजभवन में विश्राम करने के बाद, राष्ट्रपति मुर्मू शनिवार को आंध्र प्रदेश के श्री सत्य साईं जिले में पुट्टपर्थी जाएँगी। वहाँ वे प्रासंति निलयम में श्री सत्य साईं बाबा की 100वीं जयंती के समारोह में विशेष सत्र में शामिल होंगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को इस जयंती समारोह का उद्घाटन किया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह आंध्र प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता को भी दर्शाती है। इस प्रकार की गतिविधियाँ देश की एकता और सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देती हैं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रपति मुर्मू ने तिरुमाला मंदिर में कब पूजा की?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 21 नवंबर को तिरुमाला मंदिर में पूजा की।
उनके साथ कौन-कौन से मंत्री थे?
उनके साथ आंध्र प्रदेश के बंदोबस्ती मंत्री अनम रामनारायण रेड्डी और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
राष्ट्रपति की यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या था?
राष्ट्रपति की यात्रा का मुख्य उद्देश्य तिरुमाला मंदिर में पूजा-अर्चना करना और भारतीय कला महोत्सव का उद्घाटन करना था।
राष्ट्र प्रेस