क्या वोटर होना संवैधानिक अधिकार के साथ एक कर्तव्य भी है? 'राष्ट्रीय मतदाता दिवस' पर पीएम मोदी की अपील

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क्या वोटर होना संवैधानिक अधिकार के साथ एक कर्तव्य भी है? 'राष्ट्रीय मतदाता दिवस' पर पीएम मोदी की अपील

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'राष्ट्रीय मतदाता दिवस' पर देशवासियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि मतदाता होना एक संवैधानिक अधिकार और महत्वपूर्ण कर्तव्य है। इस अवसर पर उन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की मजबूती के लिए भारत निर्वाचन आयोग की सराहना की। युवाओं से अपील की गई है कि वे मतदान में सक्रिय भाग लें।

Key Takeaways

  • मतदाता होना एक संवैधानिक अधिकार
  • यह महत्वपूर्ण कर्तव्य भी है
  • युवाओं का मतदान में सक्रिय भाग लेना आवश्यक है
  • लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की मजबूती
  • भारत निर्वाचन आयोग की सराहना

नई दिल्ली, 25 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता होना केवल एक संवैधानिक अधिकार नहीं है, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण कर्तव्य भी है, जो हर नागरिक को भारत के भविष्य को आकार देने में आवाज देता है। राष्ट्रीय मतदाता दिवस के इस अवसर पर पीएम मोदी ने लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को सशक्त बनाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग की सराहना की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "यह राष्ट्रीय मतदाता दिवस हमारे देश के लोकतांत्रिक मूल्यों में हमारे विश्वास को और गहरा करने का दिन है। मैं भारत निर्वाचन आयोग से जुड़े सभी लोगों की सराहना करता हूं। मतदाता होना केवल एक संवैधानिक अधिकार नहीं है, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण कर्तव्य भी है जो हर नागरिक को भारत के भविष्य को आकार देने में आवाज देता है। आइए, हम हमेशा लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में हिस्सा लेकर अपने लोकतंत्र की भावना का सम्मान करें, जिससे एक विकसित भारत की नींव मजबूत हो।"

उन्होंने इस अवसर पर 'माय भारत' के वॉलंटियर्स के लिए एक पत्र भी लिखा है। उन्होंने आग्रह किया है कि जब हमारे आसपास का कोई युवा साथी पहली बार मतदाता के रूप में रजिस्टर्ड हो, तो हमें उस खुशी के मौके को मिलकर सेलिब्रेट करना चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पत्र में लिखा, "देश के एक नागरिक के रूप में आपसे जुड़कर मुझे बहुत खुशी हो रही है। आप सभी की तरह भारतीय लोकतंत्र पर मुझे भी अत्यंत गर्व है। भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र कहा जाता है और यह सही भी है। हमें इस बात पर भी गर्व है कि भारत लोकतंत्र की जननी है, जिसके लोकतांत्रिक मूल्यों का इतिहास सदियों पुराना है। डेमोक्रेसी, डिबेट और डायलॉग हमारी संस्कृति में रचे-बसे हैं। देश में आम चुनाव की शुरुआत 1951 में हुई थी, यानी इस वर्ष हम उसके 75 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहे हैं। 1952 में संपन्न हुए इस चुनाव ने दुनिया को बताया कि लोकतांत्रिक भावना भारतीयों के स्वभाव में समाहित है।"

पत्र में आगे लिखा है, "लोकतंत्र में मतदाता होना विशेषाधिकार के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। मतदान एक संवैधानिक अधिकार है, जो भारत के भविष्य में उसके नागरिकों की भागीदारी का प्रतीक है। मतदाता देश का भाग्यविधाता होता है। मतदान के अवसर पर उंगली पर लगने वाली अमिट स्याही बताती है कि हमारा लोकतंत्र बहुत जीवंत है और इसका उद्देश्य काफी बड़ा है। आपके मित्रों या रिश्तेदारों में कई ऐसे युवा हो सकते हैं, जो पहली बार वोटर बन रहे हैं। उनके जीवन के लिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण क्षण है। पहली बार मतदाता बनने वालों का लोकतंत्र में इसलिए भरपूर स्वागत होना चाहिए, क्योंकि उनके पास देश के भाग्य को बदलने की क्षमता है।"

पीएम मोदी ने आग्रह करते हुए कहा कि जब आप या आपके आसपास का कोई युवा पहली बार मतदाता बने, तो उसका उत्सव जरूर मनाएं। घर पर या फिर अपने मोहल्ले और अपार्टमेंट में मिठाई बांटकर इसे मना सकते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि हमारे स्कूल और कॉलेज लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाने में एक नर्सरी की तरह अहम भूमिका निभाते हैं। आग्रह करते हुए पीएम मोदी ने कहा, "वे अपने स्टूडेंट्स के पहली बार मतदाता बनने के अहम पड़ाव को सेलिब्रेट जरूर करें। इसके लिए ऐसे समारोह आयोजित किए जा सकते हैं, जहां नए वोटर को सम्मानित किया जाए। इससे उन्हें यह अहसास होगा कि उनकी यह नई जिम्मेदारी कितनी महत्वपूर्ण है। हमारे स्कूलों और कॉलेजों के परिसर ऐसे अभियानों का केंद्र भी बन सकते हैं, जिनसे यह सुनिश्चित हो कि हर पात्र युवा वोटर के रूप में जरूर रजिस्टर्ड हो। हर साल 25 जनवरी, यानी 'राष्ट्रीय मतदाता दिवस' इन एक्टिविटीज के लिए एक उपयुक्त अवसर है।"

भारतीय निर्वाचन आयोग की प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया के लिए इतने बड़े स्केल पर इलेक्शन होना चुनाव प्रबंधन की दृष्टि से एक बड़ी उपलब्धि है। वहीं, हमारे लिए यह प्रबंधन के अलावा लोकतंत्र का एक भव्य उत्सव है, जहां हम सभी वोटर के रूप में इसे मिलकर सेलिब्रेट करते हैं। वोटिंग करने को लेकर देशवासियों की प्रतिबद्धता बहुत गहरी है। चाहे वो हिमालय की ऊंचाइयों पर रहते हों, अंडमान-निकोबार के द्वीपों में हों, रेगिस्तान में या फिर घने जंगलों में, वे वोट करके यह सुनिश्चित करते हैं कि उनकी आवाज जरूर सुनी जाए। लोकतांत्रिक आदर्शों के प्रति वोटर्स की यह प्रतिबद्धता आने वाले समय के लिए भी बड़ी प्रेरणा होगी।

पीएम मोदी ने कहा, "समावेशी लोकतंत्र के लिए हमारी नारी शक्ति, विशेषकर युवा महिलाओं की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनकी जागरूकता और सक्रिय हिस्सेदारी ने भारत के लोकतंत्र की नींव को और मजबूत किया है।"

उन्होंने देश के युवाओं से आह्वान किया कि वे 'मेरा युवा भारत' या 'माय भारत' प्लेटफॉर्म के साथ जरूर जुड़ें। ये प्लेटफॉर्म देश को आगे ले जाने की आपकी प्रतिबद्धता को प्रकट करने का माध्यम बनेगा। आप उस पीढ़ी से हैं, जो किसी भी कार्य को समय के भरोसे नहीं छोड़ती, बल्कि 'हम कर सकते हैं' की स्पिरिट से उन्हें साकार करके दिखाती है। एक मतदाता होने का कितना महत्व है, इसको लेकर आप दूसरों को भी जागरूक कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री ने यह भी अपील की कि सभी मिलकर यह संकल्प लें कि हम अपने लोकतंत्र को सशक्त बनाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेंगे। इससे एक विकसित, समावेशी और आत्मनिर्भर भारत बनाने का सपना भी साकार होगा।

Point of View

यह स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई अपील लोकतंत्र की मजबूती के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह हम सभी भारतीयों का कर्तव्य है कि हम मतदान में भाग लेकर अपने लोकतंत्र को सशक्त बनाएं।
NationPress
04/02/2026

Frequently Asked Questions

राष्ट्रीय मतदाता दिवस कब मनाया जाता है?
राष्ट्रीय मतदाता दिवस हर वर्ष 25 जनवरी को मनाया जाता है।
मतदाता बनने के लिए क्या करना चाहिए?
मतदाता बनने के लिए आपको अपने क्षेत्र में रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
मतदान का महत्व क्या है?
मतदान से नागरिक लोकतंत्र में अपनी आवाज उठा सकते हैं और देश के भविष्य को प्रभावित कर सकते हैं।
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