क्या राहुल गांधी में इंदिरा गांधी जैसी इमरजेंसी मानसिकता है?
सारांश
Key Takeaways
- राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाए गए हैं।
- शकील अहमद ने राहुल गांधी को असुरक्षित नेता बताया।
- कांग्रेस की वर्तमान स्थिति के लिए राहुल गांधी जिम्मेदार हैं।
नई दिल्ली, 24 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ कांग्रेस के पूर्व नेता शकील अहमद के बयानों पर भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता शकील अहमद ने राहुल गांधी की सच्चाई को उजागर कर दिया है।
पूनावाला ने एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि पूर्व कांग्रेस नेता ने स्पष्ट किया कि बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस टिकट चोरी के कारण हारी, लेकिन राहुल गांधी एसआईआर और वोट चोरी का मुद्दा उठाते रहे।
शहजाद पूनावाला ने आगे कहा कि पूर्व कांग्रेस नेता ने बताया कि राहुल गांधी एक असुरक्षित और अपरिपक्व नेता हैं, जिन्होंने पार्टी को नुकसान पहुँचाया है। बिहार चुनाव में कांग्रेस अपनी कमज़ोरियों के कारण हारी, फिर भी राहुल गांधी एसआईआर और वोट चोरी का बहाना बनाते हैं। पूनावाला ने कहा कि राहुल गांधी के अंदर इंदिरा गांधी की तरह इमरजेंसी वाली मानसिकता है।
पूनावाला ने एक्स पर लिखा कि शकील अहमद ने राहुल गांधी को भारतीय राजनीति का सबसे डरपोक नेता बताया है। कांग्रेस के दिग्गज नेता शकील अहमद का कहना है कि राहुल गांधी इंडियन पॉलिटिक्स के सबसे इनसिक्योर नेता हैं। कांग्रेस की वर्तमान स्थिति के लिए केवल राहुल गांधी ही जिम्मेदार हैं। शकील अहमद ने कहा कि राहुल गांधी को पार्टी में मजबूत नेताओं की उपस्थिति पसंद नहीं है। राहुल गांधी ने सोनिया गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस को पूरी तरह से ठुकरा दिया है। पार्टी की आज की स्थिति इसलिए खराब है क्योंकि राहुल गांधी अपने नेताओं को तरजीह नहीं देते, बल्कि अन्य पार्टियों से आए नेताओं को तरजीह देते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि राहुल गांधी का संविधान बचाओ आंदोलन बेकार है। एसआईआर पर मुद्दा उठाना निरर्थक है। बिहार चुनाव में भी उन्होंने कहा कि किसी का वोट नहीं कटा है। मुझे आज तक कोई ऐसा व्यक्ति नहीं मिला जिसने कहा हो कि उनका वोट काटा गया है, यहां तक कि मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में भी यह बात नहीं कही गई है। अब कांग्रेस पार्टी ठहरी हुई है। उन्हें पता है कि राष्ट्रीय स्तर पर वे तीसरी पार्टी नहीं बन सकती। अब वे खुद को मजबूत नहीं कर रहे हैं, बल्कि इस इंतजार में हैं कि कब भाजपा कमजोर होती है।