क्या उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने इंदौर अस्पताल का दौरा किया?

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क्या उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने इंदौर अस्पताल का दौरा किया?

सारांश

राजेंद्र शुक्ला ने इंदौर के महाराजा यशवंतराव अस्पताल का दौरा किया। हाल ही में एक नवजात के इलाज में हुई लापरवाही के चलते उन्होंने जांच के आदेश दिए। यह घटना अस्पताल में सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाती है।

मुख्य बातें

राजेंद्र शुक्ला ने अस्पताल में लापरवाही की जांच के आदेश दिए हैं।
नवजात बच्चे के अंगूठे के कटने की घटना ने सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाए हैं।
सरकार बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

इंदौर, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने इंदौर के महाराजा यशवंतराव अस्पताल का दौरा किया और नवजात के इलाज में कथित मेडिकल लापरवाही की जांच के आदेश दिए।

हाल ही में एक घटना में, सरकारी महाराजा यशवंतराव अस्पताल में एक नर्स की लापरवाही की वजह से डेढ़ महीने के बच्चे का अंगूठा गलती से कट गया। कुछ दिन पहले यह घटना सामने आने के बाद नर्स को सस्पेंड कर दिया गया था।

शुक्ला ने एक बयान में कहा, “इंदौर के महाराजा यशवंतराव हॉस्पिटल में मेडिकल लापरवाही की जांच के आदेश दिए गए हैं। कमेटी लापरवाही के असली कारणों और स्टाफ मेंबर्स की भूमिका का पता लगाएगी। राज्य सरकार लोगों को बेहतर इलाज देने के लिए कमिटेड है और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सीनियर अधिकारियों के साथ मीटिंग के दौरान, शुक्ला ने राज्य के सभी सरकारी हॉस्पिटल में इलाज के दौरान बच्चों की सुरक्षा पक्का करने समेत जरूरी निर्देश भी जारी किए।

मिली जानकारी के मुताबिक, बच्चे को निमोनिया के इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। टेप हटाने के दौरान, नर्स के हाथ से कैंची फिसल गई, जिससे बच्चे का अंगूठा कट गया।

इस घटना से बच्चे के परिवार में गुस्सा फैल गया, जिन्होंने हॉस्पिटल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया। हंगामे के बाद, हॉस्पिटल ने नर्स को सस्पेंड कर दिया। आगे की जांच तक तीन नर्सिंग इंचार्ज की सैलरी भी रोक दी गई।

यह घटना कुछ महीने पहले हुई थी जब दो नवजात बच्चों की मौत हो गई थी, जो शायद चूहों के काटने से हुई थी। इस घटना से पूरे मध्य प्रदेश में लोगों में गुस्सा फैल गया था और इसके बाद कार्रवाई शुरू हुई थी, जिसमें राज्य भर के सरकारी अस्पतालों में चूहों को कंट्रोल करने का ऑपरेशन और सफाई अभियान शामिल था।

हालांकि, महाराजा यशवंतराव अस्पताल प्रशासन ने बयान जारी कर कहा था कि दोनों नवजात बच्चियों की मौत चूहों के काटने से नहीं, बल्कि पहले से मौजूद गंभीर हेल्थ प्रॉब्लम और जन्मजात बीमारियों की वजह से हुई थी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजेंद्र शुक्ला ने अस्पताल में क्या किया?
उन्होंने महाराजा यशवंतराव अस्पताल का दौरा किया और नवजात के इलाज में मेडिकल लापरवाही की जांच के आदेश दिए।
क्या हुआ था अस्पताल में?
एक नर्स की लापरवाही के कारण डेढ़ महीने के बच्चे का अंगूठा कट गया था।
नर्स के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई?
नर्स को सस्पेंड कर दिया गया और आगे की जांच के लिए तीन नर्सिंग इंचार्ज की सैलरी रोक दी गई।
राष्ट्र प्रेस
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