क्या भाजपा और टीएमसी समर्थकों के बीच झड़प के बाद राहुल सिन्हा ने चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग की?
सारांश
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कोलकाता, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों से पूर्व राजनीतिक वातावरण तनावपूर्ण होता जा रहा है। रविवार को कोलकाता के बेहाला पश्चिम क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के समर्थकों के बीच झड़प की घटना हुई। इस मामले पर भाजपा नेता राहुल सिन्हा ने टीएमसी को आड़े हाथों लिया।
राहुल सिन्हा ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि टीएमसी चुनावों से पहले ही हार की चिंता में हिंसा का सहारा ले रही है। उन्होंने कहा, "टीएमसी पूरी तरह से बौखला गई है। चुनाव से पहले ही हार के डर से हमले कर रही है, लेकिन पश्चिम बंगाल की जनता ने कभी भी हिंसा का समर्थन नहीं किया है और आगे भी नहीं करेगी। इस हिंसा का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाएगा।"
उन्होंने चुनाव आयोग से अपील की कि जो भी पार्टी पश्चिम बंगाल को लूटने और डराने का काम कर रही है, उसके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाने चाहिए। राहुल सिन्हा ने कहा कि राज्य में स्थिति अत्यंत चिंताजनक है।
भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में 'जंगल राज' कायम है। यहां भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ ही चुनाव आयोग और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जैसी केंद्रीय एजेंसियों पर भी हमले हो रहे हैं। टीएमसी की गतिविधियों का जवाब बंगाल की जनता अवश्य देगी।
राहुल सिन्हा ने कहा, "स्वास्थ्य मंत्री ममता बनर्जी हैं, जो असफल हैं, और पुलिस मंत्री भी ममता बनर्जी हैं, वे भी असफल हैं। अगर किसी मंत्री का नाम असफलता में आता है, तो वह ममता बनर्जी हैं, जिनके पास दोनों विभाग हैं। वे एक बेकार मंत्री हैं।"
उन्होंने कहा, "बीएलओ पर विभिन्न तरीकों से दबाव डाला गया है ताकि वे सही रिपोर्ट न दें। हमें लगता है कि चुनाव आयोग ने बीएलओ पर दबाव डाला है ताकि उन नामों का खुलासा हो सके, जिन पर तृणमूल नेता ने दबाव बनाया था। मैं आपको बता रहा हूं कि कुछ दिनों में नोटिफिकेशन जारी होगा और पुलिस प्रशासन चुनाव आयोग के तहत आ जाएगा।"