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क्या कोलकाता में बिना सुरक्षा के सड़क पर उतरेंगे राज्यपाल सीवी आनंद बोस?

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क्या कोलकाता में बिना सुरक्षा के सड़क पर उतरेंगे राज्यपाल सीवी आनंद बोस?

सारांश

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने जान से मारने की धमकी मिलने के बाद भी बिना सुरक्षा के कोलकाता की सड़कों पर उतरने का निर्णय लिया है। क्या यह उनकी दृढ़ता का प्रतीक है?

मुख्य बातें

राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने बिना सुरक्षा के कोलकाता की सड़कों पर जाने का निर्णय लिया।
उन्हें जान से मारने की धमकी भरा ई-मेल मिला था।
राज्यपाल की सुरक्षा व्यवस्था में कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
राज्यपाल ने जनता के विश्वास का संकेत दिया है।

कोलकाता, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने जान से मारने की धमकी भरा ई-मेल मिलने के बावजूद बिना किसी सुरक्षा के कोलकाता की सड़कों पर उतरने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि वह शुक्रवार को बिना किसी सुरक्षा कवर के कोलकाता की सड़कों पर चलेंगे।

लोकभवन (पहले राजभवन) के एक विश्वसनीय स्रोत के अनुसार, राज्यपाल ने अपने करीबी लोगों को बताया है कि उन्हें धमकी भरे ई-मेल से कोई चिंता नहीं है, क्योंकि उन्हें विश्वास है कि पश्चिम बंगाल के लोग उनकी सुरक्षा करेंगे। हालांकि, राज्यपाल किस समय कोलकाता की सड़कों पर जाएंगे और कौन-सा मार्ग अपनाएंगे, इसकी जानकारी अभी तक उनके कार्यालय से नहीं दी गई है।

राज्यपाल सीवी आनंद बोस को एक ई-मेल के माध्यम से गुरुवार को जान से मारने की धमकी मिली थी। जब यह ई-मेल लोकभवन के स्टाफ के ध्यान में आया, तो इस मामले की सूचना केंद्रीय गृह मंत्रालय को दी गई और राज्यपाल की सुरक्षा में बदलाव करने का निर्णय लिया गया। राज्यपाल को 'जेड' प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिलती है, जिसमें कोलकाता पुलिस और सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) के अधिकारी और जवान शामिल होते हैं।

सूत्र ने कहा, "यह पहली बार नहीं है कि राज्यपाल को इस तरह की धमकियां मिली हैं। उनकी सुरक्षा व्यवस्था में कोई समझौता नहीं किया जा सकता। इसलिए, लोकभवन में और किसी भी आधिकारिक दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव पर चर्चा हो रही है।"

सूत्र ने यह भी बताया कि राज्यपाल की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव के प्रस्ताव पर गुरुवार आधी रात को एक आपात बैठक हुई। लोकभवन में मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई और सुरक्षा में बदलाव के लिए आवश्यक सुझाव दिए गए। हालांकि, अभी तक इस मामले में गवर्नर के कार्यालय से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

राज्यपाल ने कोलकाता में बिना सुरक्षा के निकलने का निर्णय उस समय लिया है, जब कोलकाता में शुक्रवार को दोपहर दो बजे तृणमूल कांग्रेस की रैली होगी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस रैली के माध्यम से पिछले दिन आई-पैक के कार्यालय और सह-संस्थापक प्रतिभा जैन के घर पर ईडी की छापेमारी का विरोध करेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्थिति दर्शाती है कि नेताओं को जनता के साथ जुड़ने और उनके मुद्दों को सुनने की आवश्यकता है। राज्यपाल का निर्णय उनकी आत्मविश्वास और जनता के प्रति विश्वास का प्रतीक है।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राज्यपाल को ई-मेल के माध्यम से किस प्रकार की धमकी मिली थी?
राज्यपाल को जान से मारने की धमकी भरा ई-मेल मिला था।
राज्यपाल की सुरक्षा व्यवस्था में क्या बदलाव किए गए हैं?
राज्यपाल की सुरक्षा में 'जेड' प्लस श्रेणी की सुरक्षा होती है, जिसमें कोलकाता पुलिस और सीआरपीएफ शामिल हैं।
राज्यपाल का कोलकाता में बिना सुरक्षा के निकलने का क्या कारण है?
राज्यपाल का मानना है कि पश्चिम बंगाल के लोग उनकी रक्षा करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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