क्या राम मंदिर का ध्वज त्याग और समर्पण का प्रतीक है? : चंपत राय

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क्या राम मंदिर का ध्वज त्याग और समर्पण का प्रतीक है? : चंपत राय

सारांश

अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर 'धर्म ध्वज' फहराने के कार्यक्रम ने सभी को एकत्र किया। चंपत राय ने इसे त्याग और समर्पण का प्रतीक बताया। यह आयोजन देश के लिए गर्व का क्षण है। जानिए इस ऐतिहासिक पल की पूरी जानकारी।

मुख्य बातें

धर्म ध्वज का महत्व त्याग और समर्पण को दर्शाता है।
इस आयोजन में कई प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति होगी।
राम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है।

अयोध्या, २५ नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर 'धर्म ध्वज' फहराने के कार्यक्रम से पूर्व, श्री राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि यह 'धर्म ध्वज' त्याग और समर्पण का प्रतीक है।

चंपत राय ने बताया कि राम जन्मभूमि मंदिर के शीर्ष पर झंडा फहराया जाएगा। यह कार्यक्रम सुबह ११ बजे प्रारंभ होगा और लगभग ११.५० बजे ध्वजारोहण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत, उत्तर प्रदेश के गवर्नर और मुख्यमंत्री स्वामी गोविंद देव गिरी मौजूद रहेंगे।

'धर्म ध्वज' के बारे में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि यह ध्वज कोविदार वृक्ष से अंकित है। इस भगवा पताका पर सूर्य और 'ऊँ' अंकित है। १० फीट ऊँचा और २० फीट लंबा तिकोना समकोण त्रिभुज का ध्वज में अग्नि की ज्वाला और उगते हुए सूर्य का रंग है। चंपत राय ने बताया कि यह त्याग और समर्पण का प्रतीक है।

इस अवसर पर श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने कहा, "हम बहुत उत्साहित हैं कि मंदिर का पूरा होने का दिन आखिरकार आ गया है, एक ऐसा पल जिसका सदियों से इंतजार था। इतने सालों में, हमारी कोशिशें लगातार इस मील के पत्थर की ओर बढ़ रही हैं।"

जगद्गुरु रामानुजाचार्य श्री श्रीधराचार्य जी महाराज ने कहा, "आज भारत और सनातन धर्म के लिए बहुत गर्व की बात है। भगवान राम के मंदिर का झंडा फहराने की पूरी सेरेमनी के बाद, मंदिर का निर्माण पूरा हो जाएगा। इसके बाद, भक्त दर्शन कर पाएंगे।

महंत राम लोचन शरण ने कहा, "यह देश के लिए बहुत गर्व का पल है, इससे बड़ा कुछ नहीं हो सकता। हमारे प्रधानमंत्री आ गए हैं। कई लोग प्रधानमंत्री मोदी और सीएम योगी को भगवान का अवतार मानते हैं।"

राम जन्मभूमि मंदिर में झंडा फहराने की सेरेमनी से पहले एक भक्त ने कहा, "जो मंदिर कभी अधूरा था, वह अब बन गया है और आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आखिरी रस्में पूरी करेंगे। हम इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने आए हैं। पहले, आम लोगों के लिए उस जगह पर जाना भी मुश्किल था, लेकिन अब हमें इस बड़े कार्यक्रम का हिस्सा बनने का मौका मिला है।"

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम जन्मभूमि मंदिर में ध्वज कब फहराया जाएगा?
ध्वज फहराने का कार्यक्रम २५ नवंबर को सुबह ११ बजे प्रारंभ होगा।
इस समारोह में कौन-कौन शामिल होंगे?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मोहन भागवत, उत्तर प्रदेश के गवर्नर और मुख्यमंत्री शामिल होंगे।
'धर्म ध्वज' का क्या महत्व है?
'धर्म ध्वज' त्याग और समर्पण का प्रतीक है।
राष्ट्र प्रेस
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