राष्ट्रपति का देश के नाम संबोधन: क्या हमारे संविधान ने न्याय और बंधुत्व को परिभाषित किया?

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राष्ट्रपति का देश के नाम संबोधन: क्या हमारे संविधान ने न्याय और बंधुत्व को परिभाषित किया?

सारांश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर अपने संबोधन में न्याय, बंधुत्व और समर्पण की भावना को उजागर किया। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे एकजुट होकर अपने गणतंत्र को और अधिक गौरवशाली बनाएं। उनकी बातें प्रेरणादायक हैं और देश के विकास के प्रति हमारी जिम्मेदारी को रेखांकित करती हैं।

Key Takeaways

  • गणतंत्र दिवस के महत्व को समझना
  • संविधान में निहित न्याय और बंधुत्व
  • महिलाओं और किसानों की भूमिका
  • राष्ट्रीय मतदाता दिवस का महत्व
  • पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता

नई दिल्ली, २५ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए सभी देशवासियों को इस राष्ट्रीय पर्व की हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि देश और विदेश में रहने वाले हम, भारत के लोग, उत्साह के साथ गणतंत्र दिवस का उत्सव मनाने जा रहे हैं।

राष्ट्रपति ने बताया कि गणतंत्र दिवस का यह पावन पर्व हमारे अतीत, वर्तमान और भविष्य में देश की दिशा और दशा का अवलोकन करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। स्वतंत्रता संग्राम की जीत के बाद, १५ अगस्त १९४७ को, हमारे देश की दिशा बदल गई। भारत स्वतंत्र हुआ और हम अपने राष्ट्रीय भविष्य के रचनाकार बन गए। २६ जनवरी १९५०हमारा संविधान, विश्व इतिहास में सबसे बड़े गणराज्य का आधार ग्रंथ है। इसमें निहित न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के सिद्धांत हमारे गणतंत्र की आत्मा को परिभाषित करते हैं।

राष्ट्रपति ने आगे कहा कि लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने हमारे राष्ट्र का एकीकरण किया। पिछले वर्ष, देशवासियों ने उनकी १५०वीं जयंती मनाई और यह उत्सव हमारे देश के लोगों में राष्ट्रीय एकता और गौरव की भावना को मजबूत करता है।

उन्होंने बताया कि वन्दे मातरम् के १५० वर्ष पूरे होने का उत्सव भी मनाया जा रहा है। यह गीत जन-मन में राष्ट्र प्रेम का संचार करता है। नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जिसे पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जाता है।

राष्ट्रपति ने हमारे सैनिकों, पुलिसकर्मियों, किसानों और महिलाओं की मेहनत का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारा गणतंत्र हमारे मेहनती नागरिकों के बल पर मजबूत हो रहा है। उन्होंने मातृभूमि की रक्षा में लगे सभी लोगों की प्रशंसा की।

उन्होंने राष्ट्रीय मतदाता दिवस की महत्ता पर भी प्रकाश डाला और कहा कि महिलाएं अब मतदान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। महिलाओं का सशक्तिकरण देश के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।

राष्ट्रपति ने कहा कि किसान हमारी अर्थव्यवस्था के मेरुदंड हैं और उनकी मेहनत से हम खाद्य सुरक्षा में आत्मनिर्भर हो रहे हैं। पीएम किसान सम्मान निधि योजना का उद्देश्य किसानों को सहायता प्रदान करना है।

उन्होंने गरीबी उन्मूलन के लिए सरकार की योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे, यह हमारी प्राथमिकता है।

आखिर में, राष्ट्रपति ने पर्यावरण संरक्षण की महत्वता पर बल दिया और कहा कि भारत विश्व समुदाय को पर्यावरण का संदेश दे रहा है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझें और राष्ट्र प्रथम की भावना से कार्य करें। गणतंत्र दिवस पर उन्होंने सभी को शुभकामनाएं दीं।

Point of View

NationPress
04/02/2026

Frequently Asked Questions

राष्ट्रपति ने गणतंत्र दिवस पर क्या कहा?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने न्याय और बंधुत्व के सिद्धांतों पर जोर दिया और देशवासियों को एकजुट होने की अपील की।
गणतंत्र दिवस का महत्व क्या है?
गणतंत्र दिवस हमारे संविधान की स्थापना और देश की स्वतंत्रता का प्रतीक है। यह हमें अपने अधिकारों और कर्तव्यों का स्मरण कराता है।
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