क्या राष्ट्रपति मुर्मु ने 77वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर तिरंगा फहराया?

Click to start listening
क्या राष्ट्रपति मुर्मु ने 77वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर तिरंगा फहराया?

सारांश

आज 26 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कर्तव्य पथ पर तिरंगा फहराकर गणतंत्र दिवस समारोह का नेतृत्व किया। जैसे ही तिरंगा हवा में लहराया, राष्ट्रगान की मधुर धुन गूंज उठी। यह एक ऐतिहासिक पल था, जिसमें देशभक्ति की भावना ने सभी को एकजुट किया।

Key Takeaways

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का तिरंगा फहराना एक ऐतिहासिक पल है।
  • गणतंत्र दिवस परेड में सैन्य ताकत का प्रदर्शन किया गया।
  • 30 रंग-बिरंगी झांकियाँ शामिल थीं।
  • 29 विमानों की भव्य फ्लाईपास्ट का आयोजन हुआ।
  • 2,500 कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुति दी।

नई दिल्ली, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कर्तव्य पथ पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर देश के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह का नेतृत्व किया। जैसे ही तिरंगा फहराया गया, राष्ट्रगान की मधुर धुन गूंजी और स्वदेशी 105 मिमी लाइट फील्ड गनों से 21 तोपों की सलामी दी गई, जिससे पूरा माहौल देशभक्ति के रंग में रंग गया।

इस अवसर पर राष्ट्रपति के साथ यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों अतिथियों का सलामी मंच पर स्वागत किया। परंपरा के अनुसार, राष्ट्रपति और मुख्य अतिथियों को भारतीय सेना की सबसे वरिष्ठ रेजिमेंट ने कर्तव्य पथ तक पहुंचाया। पीएम मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का भी स्वागत किया।

इस वर्ष की गणतंत्र दिवस परेड में 'वंदे मातरम' के 150 वर्षों की झलक, देश की सैन्य ताकत और भारत की सांस्कृतिक विविधता का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। परेड में ब्रह्मोस और आकाश मिसाइलों जैसे आधुनिक हथियारों के साथ 30 रंग-बिरंगी झांकियां भी शामिल होंगी।

यह परेड पिछले वर्ष हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद पहली बार आयोजित की जा रही है, जिसमें अत्याधुनिक रक्षा प्लेटफॉर्म और 29 विमानों की भव्य फ्लाईपास्ट विशेष आकर्षण होगी। फ्लाईपास्ट में राफेल, सुखोई-30, पी-8आई, सी-295, मिग-29, अपाचे, एलसीएच, एएलएच, और एमआई-17 जैसे विमान अलग-अलग संरचनाओं में आसमान में करतब दिखाएंगे।

गणतंत्र दिवस परेड में करीब 2,500 कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुति देंगे, जो 'वंदे मातरम' और 'आत्मनिर्भर भारत' की भावना को दर्शाएंगे।

वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के प्रतिभागी, कर्तव्य भवन के निर्माण कार्य में लगे श्रमिक, लखपति दीदी और लगभग 10,000 विशेष अतिथि भी परेड देखने पहुंचे हैं। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन अतिथियों में रोजगार सृजन, नवाचार, अनुसंधान, स्टार्टअप, स्वयं सहायता समूहों और सरकारी योजनाओं में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोग शामिल हैं।

Point of View

जो हमें एकजुट करता है।
NationPress
05/02/2026

Frequently Asked Questions

गणतंत्र दिवस परेड कब आयोजित होती है?
गणतंत्र दिवस परेड हर वर्ष 26 जनवरी को आयोजित होती है।
गणतंत्र दिवस का महत्व क्या है?
गणतंत्र दिवस का महत्व हमारे देश के संविधान के लागू होने के दिन के रूप में है।
इस वर्ष के गणतंत्र दिवस परेड में कौन-कौन से विशेषताएँ थीं?
इस वर्ष में आधुनिक हथियारों के साथ सांस्कृतिक झांकियाँ और शानदार फ्लाईपास्ट शामिल था।
Nation Press