क्या आरबीआई की एमपीसी बैठक में रेपो रेट में कटौती होगी?

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क्या आरबीआई की एमपीसी बैठक में रेपो रेट में कटौती होगी?

सारांश

आरबीआई की आगामी एमपीसी बैठक में संभावित रेपो रेट कटौती पर सभी की निगाहें। क्या मौद्रिक नीति में बदलाव होगा? जानें इस बैठक के मुख्य बिंदु और अर्थव्यवस्था की स्थिति।

मुख्य बातें

आरबीआई की एमपीसी बैठक आज से शुरू हो रही है।
रेपो रेट में संभावित कटौती पर चर्चा होगी।
मुद्रास्फीति निम्नतम स्तर पर है।
जीडीपी वृद्धि दर में तेजी आई है।
बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री ने नीतिगत दर में बदलाव की आवश्यकता नहीं बताई।

नई दिल्ली, 3 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक आज से आरंभ हो रही है। इस तीन दिवसीय सभा में प्रमुख नीतिगत दर पर निर्णय शुक्रवार को सामने आएगा।

यह बैठक उस समय हो रही है जब मुद्रास्फीति अपने निम्नतम स्तर पर बनी हुई है और जीडीपी की वृद्धि दर में तेजी देखने को मिल रही है। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 8.2 प्रतिशत दर्ज की गई है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 5.6 प्रतिशत थी।

अक्टूबर में मुद्रास्फीति में नरमी आई है, जो अर्थव्यवस्था के मजबूत बुनियादी तत्वों और प्रभावी मूल्य प्रबंधन उपायों को दर्शाती है।

बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदान सबनवीस ने कहा, "मौद्रिक नीति भविष्य को ध्यान में रखकर बनाई जाती है और चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही और वित्त वर्ष 27 में मुद्रास्फीति 4 प्रतिशत से अधिक रह सकती है, जिससे वास्तविक रेपो दर 1-1.5 प्रतिशत के बीच रह सकती है। ऐसे में नीतिगत दर में बदलाव की आवश्यकता नहीं प्रतीत होती।"

इसके अलावा, एसबीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती की उम्मीदें थीं, लेकिन मजबूत जीडीपी आंकड़े और बदलते परिदृश्य को देखते हुए दिसंबर में नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं होने की संभावना है।

एसबीआई का मानना है कि आरबीआई को यील्ड पर संयमित प्रभाव सुनिश्चित करने के लिए तरलता उपायों के माध्यम से तटस्थ रुख के साथ कैलिब्रेटेड ईजिंग सुनिश्चित करनी पड़ सकती है।

मुद्रास्फीति निकट भविष्य में लक्ष्य से काफी नीचे रहने की संभावना है, इसलिए एचएसबीसी ग्लोबल इन्वेस्टमेंट रिसर्च का अनुमान है कि आरबीआई 5 दिसंबर को अपने एमपीसी के फैसले के साथ रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती कर सकता है, जिससे रेपो रेट 5.50 प्रतिशत से घटकर 5.25 प्रतिशत रह जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि आम जनता के लिए भी महत्वपूर्ण है। नीति में बदलाव से ब्याज दरों पर प्रभाव पड़ेगा, जो घरेलू और व्यावसायिक निवेश को प्रभावित कर सकता है।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरबीआई की एमपीसी बैठक का महत्व क्या है?
आरबीआई की एमपीसी बैठक में मौद्रिक नीति के महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं, जो अर्थव्यवस्था और बाजार पर सीधा प्रभाव डालते हैं।
क्या मुद्रास्फीति में कमी का अर्थ है कि ब्याज दरें घटेंगी?
हाँ, आमतौर पर मुद्रास्फीति में कमी से ब्याज दरों में कटौती की संभावना बढ़ती है।
इस बैठक की तारीखें क्या हैं?
यह बैठक 3 से 5 दिसंबर, 2023 तक चलेगी।
क्या यह बैठक बाजार को प्रभावित कर सकती है?
हाँ, बैठक में लिए गए निर्णय बाजार में उतार-चढ़ाव का कारण बन सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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