12 अक्टूबर 2026
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संगमेश्वर में कबाड़ गोदाम में भीषण आग, ₹2 लाख से अधिक का नुकसान; दमकल ने 6 घंटे में पाया काबू

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संगमेश्वर में कबाड़ गोदाम में भीषण आग, ₹2 लाख से अधिक का नुकसान; दमकल ने 6 घंटे में पाया काबू

सारांश

रत्नागिरी के संगमेश्वर में सोमवार देर रात कबाड़ गोदाम में लगी भीषण आग ने ₹2 लाख से अधिक का नुकसान किया। चार दमकल टीमों ने 6 घंटे की मशक्कत के बाद सुबह आग पर काबू पाया। आग का कारण अभी अज्ञात है।

मुख्य बातें

संगमेश्वर, रत्नागिरी में 12 अक्टूबर 2026 की रात करीब 2 बजे अमित पासवान के कबाड़ गोदाम में आग लगी।
शुरुआती अनुमान के अनुसार ₹2 लाख से अधिक का नुकसान; आधिकारिक आकलन जाँच के बाद होगा।
देवरुख, चिपलून नगर परिषद, रत्नागिरी एमआईडीसी और रत्नागिरी नगर परिषद की दमकल टीमों ने संयुक्त अभियान चलाया।
क्रू लीडर लिंगप्पा हलमानी के नेतृत्व में दमकलकर्मियों ने सुबह करीब 7 बजे आग पर काबू पाया।
आसपास के घरों और दुकानों को कोई नुकसान नहीं; आग के कारणों की जाँच जारी।

महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले के संगमेश्वर में सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 की देर रात एक कबाड़ के गोदाम में भीषण आग लग गई, जिसमें गोदाम में जमा बड़ी मात्रा में कबाड़ जलकर खाक हो गया। शुरुआती अनुमान के अनुसार इस घटना में ₹2 लाख से अधिक का नुकसान हुआ है, हालाँकि आधिकारिक आकलन जाँच के बाद होगा। दमकल विभाग की तत्परता से आग को आसपास की इमारतों तक फैलने से रोक लिया गया और एक बड़ा हादसा टल गया।

घटनाक्रम: कैसे लगी आग

मारुति मंदिर के सामने स्थित अमित पासवान के कबाड़ के गोदाम में रात करीब 2 बजे अचानक आग लग गई। गोदाम में ज्वलनशील सामग्री और कबाड़ की अत्यधिक मात्रा होने के कारण आग ने देखते-देखते विकराल रूप ले लिया। आग की ऊँची लपटें उठती देख इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय निवासियों ने तत्काल दमकल विभाग को सूचित किया।

आग बुझाने का अभियान रात 12:48 बजे आधिकारिक रूप से शुरू हुआ। आग की तीव्रता और आसपास के मकानों व दुकानों को खतरे को देखते हुए एकाधिक दमकल दल तुरंत मौके पर भेजे गए।

बचाव अभियान: चार दमकल टीमों ने संभाला मोर्चा

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए देवरुख की दमकल टीम सबसे पहले घटनास्थल पर पहुँची। इसके बाद चिपलून नगर परिषद, रत्नागिरी एमआईडीसी और रत्नागिरी नगर परिषद की दमकल गाड़ियों को भी बुलाया गया। गोदाम में ज्वलनशील कबाड़ की अधिकता के चलते दमकलकर्मियों को आग बुझाने में भारी मशक्कत करनी पड़ी।

अभियान में क्रू लीडर लिंगप्पा हलमानी के नेतृत्व में सागर तलेकर, आकाश करंडे और अन्य दमकलकर्मियों ने पूरी रात लगातार प्रयास किए। उनकी सतर्कता और समन्वय के चलते आग को पड़ोसी घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक फैलने से सफलतापूर्वक रोका जा सका।

लगातार करीब 6 घंटे के प्रयासों के बाद सुबह करीब 7 बजे आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।

नुकसान का आकलन

शुरुआती जानकारी के अनुसार गोदाम में रखा कबाड़ बड़े पैमाने पर जल गया है और नुकसान ₹2 लाख से अधिक होने का अनुमान है। हालाँकि, घटना में हुए नुकसान का आधिकारिक और अंतिम आकलन अभी किया जाना बाकी है। स्थानीय प्रशासन के अनुसार जाँच पूरी होने के बाद ही सटीक आँकड़ा सामने आ सकेगा।

आग लगने के कारण अज्ञात, जाँच जारी

फिलहाल आग लगने के सही कारणों का पता नहीं चल पाया है। अधिकारियों के अनुसार घटना के कारणों की पुष्टि जाँच के बाद ही हो सकेगी। गौरतलब है कि कबाड़ गोदामों में ज्वलनशील सामग्री की मौजूदगी आग लगने का जोखिम बढ़ा देती है, और इस तरह की घटनाएँ महाराष्ट्र के ग्रामीण व अर्ध-शहरी इलाकों में समय-समय पर सामने आती रहती हैं।

स्थानीय निवासियों के लिए राहत की बात यह रही कि दमकल दलों की तीव्र प्रतिक्रिया ने नुकसान को सीमित रखा। यदि आग आसपास की इमारतों तक फैल जाती, तो जान-माल का नुकसान कहीं अधिक हो सकता था। प्रशासन से माँग की जा रही है कि ऐसे गोदामों में अग्नि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह महाराष्ट्र के अर्ध-शहरी क्षेत्रों में कबाड़ और ज्वलनशील सामग्री के भंडारण पर नियामक निगरानी की कमी का संकेत देती है। चार अलग-अलग दमकल दलों को एक गोदाम की आग बुझाने में 6 घंटे लगे — यह तथ्य दर्शाता है कि ऐसे गोदामों में अग्नि सुरक्षा की बुनियादी व्यवस्था नदारद थी। प्रशासन को केवल घटना-पश्चात प्रतिक्रिया से आगे बढ़कर ऐसे व्यावसायिक गोदामों के नियमित अग्नि-सुरक्षा ऑडिट की दिशा में सोचना होगा।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संगमेश्वर के कबाड़ गोदाम में आग कब और कहाँ लगी?
यह आग 12 अक्टूबर 2026 की रात करीब 2 बजे रत्नागिरी जिले के संगमेश्वर में मारुति मंदिर के सामने स्थित अमित पासवान के कबाड़ गोदाम में लगी। बचाव अभियान रात 12:48 बजे शुरू हुआ और सुबह करीब 7 बजे आग पर पूरी तरह काबू पाया गया।
इस आग में कितना नुकसान हुआ?
शुरुआती अनुमान के अनुसार नुकसान ₹2 लाख से अधिक है। हालाँकि, आधिकारिक और अंतिम आकलन जाँच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
आग बुझाने में कौन-सी दमकल टीमें शामिल थीं?
देवरुख की दमकल टीम सबसे पहले मौके पर पहुँची। इसके बाद चिपलून नगर परिषद, रत्नागिरी एमआईडीसी और रत्नागिरी नगर परिषद की दमकल गाड़ियाँ भी बुलाई गईं। क्रू लीडर लिंगप्पा हलमानी के साथ सागर तलेकर और आकाश करंडे ने अहम भूमिका निभाई।
क्या आसपास के मकानों या दुकानों को नुकसान हुआ?
नहीं। दमकलकर्मियों की तत्परता के चलते आग को आसपास के घरों और दुकानों तक फैलने से रोकने में सफलता मिली। किसी के हताहत होने की भी सूचना नहीं है।
आग लगने का कारण क्या था?
फिलहाल आग लगने के सही कारणों का पता नहीं चल पाया है। अधिकारियों के अनुसार कारणों की पुष्टि जाँच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
राष्ट्र प्रेस
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