क्या बेंगलुरु नगर निगम चुनाव की जिम्मेदारी मिलने पर संजय उपाध्याय का दावा सही है, क्या वहां भी खिलेगा कमल?
सारांश
Key Takeaways
- संजय उपाध्याय को बेंगलुरु नगर निगम चुनाव का प्रभारी नियुक्त किया गया है।
- उपाध्याय ने बेंगलुरु में कमल खिलने का दावा किया।
- उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व पर सवाल उठाए।
- उपाध्याय ने सनातन परंपराओं का समर्थन किया।
- उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा की।
मुंबई, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा विधायक संजय उपाध्याय को पार्टी नेतृत्व ने बेंगलुरु नगर निगम चुनावों का प्रभारी नियुक्त किया है। इस जिम्मेदारी के लिए उन्होंने शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया और आश्वस्त किया कि बेंगलुरु में भी कमल खिलने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान संजय उपाध्याय ने कहा कि पार्टी ने उन पर जो विश्वास जताया है, वह उसे पूरी निष्ठा से निभाएंगे। उन्होंने दावा किया कि बेंगलुरु महानगरपालिका में भाजपा का शासन स्थापित होगा और विकास को नई दिशा मिलेगी।
इसके साथ ही, संजय उपाध्याय ने मुंबई को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उपाध्याय ने कहा, ''मुंबई का रंग हमेशा भगवा ही रहेगा।''
इस अवसर पर उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने सनातन धर्म और विज्ञान को एक-दूसरे का पूरक बताया था। संजय उपाध्याय ने कहा कि कोविड काल में जो बचाव के उपाय अपनाए गए, उनका आधार भी सनातन परंपराओं में पहले से मौजूद है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि नमस्ते करना हो या बीमारी के समय दूरी बनाकर रखना, ये सभी बातें सनातन संस्कृति में पहले से ही सिखाई जाती रही हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि सनातन परंपराओं के कारण ही दुनिया को कई महत्वपूर्ण बातें सीखने को मिली हैं।
संजय उपाध्याय ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एक समय कांग्रेस यह सवाल उठाती थी कि क्या भाजपा देश चला पाएगी। इस पर उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को चुनौती देते हुए कहा कि देश कैसे चलाया जाता है, यह उनसे सीखना होगा?
संजय उपाध्याय ने कहा कि 2014 से देश की जनता ने बहुमत के साथ प्रधानमंत्री मोदी को देश की कमान सौंपी है। पीएम मोदी ने विपरीत परिस्थितियों में भी देश को संभाला है, जो सराहनीय है।
उपाध्याय ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस 2014 के बाद से लगातार हार का रिकॉर्ड बना रही है। कांग्रेस को प्रधानमंत्री मोदी से सीखने की आवश्यकता है कि नेतृत्व और शासन कैसे किया जाता है।