क्या विजयवाड़ा सांसद ने सरदार पटेल की जयंती पर उन्हें याद किया?

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क्या विजयवाड़ा सांसद ने सरदार पटेल की जयंती पर उन्हें याद किया?

सारांश

विजयवाड़ा के सांसद केसिनेनी शिवनाथ ने सरदार पटेल की जयंती पर उनके योगदान को याद किया। उनका कहना है कि सरदार पटेल की दूरदृष्टि और नेतृत्व आज भी हमारे लिए प्रेरणादायक हैं। आइए जानते हैं उनके विचार और सरदार पटेल की विरासत के महत्व के बारे में।

मुख्य बातें

सरदार पटेल का योगदान भारतीय एकता में महत्वपूर्ण है।
उनकी नीति आज भी प्रेरणा का स्रोत है।
सरदार पटेल की जयंती पर एकता मार्च का आयोजन किया जा रहा है।

विजयवाड़ा, 31 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। विजयवाड़ा के सांसद केसिनेनी शिवनाथ ने सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर उनके अद्वितीय योगदान और राष्ट्रीय एकता के प्रति उनके समर्पण को स्मरण किया।

उन्होंने कहा कि सरदार पटेल एक ऐसे नेता थे, जिन्होंने स्वतंत्र भारत को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया। उनकी दूरदृष्टि, दृढ़ निश्चय और अदम्य साहस के कारण सैकड़ों रियासतों का विलय संभव हुआ, जिससे एक सशक्त और एकीकृत भारत का निर्माण हुआ।

सांसद शिवनाथ ने कहा कि आज भी सरदार पटेल की नीति और नेतृत्व हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत है। जिस तरह उन्होंने विभिन्न संस्कृतियों, भाषाओं और क्षेत्रों को एक भारत के रूप में जोड़ा, उसी प्रकार आज की पीढ़ी को भी उनके आदर्शों पर चलने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल की दूरदृष्टि ने भारत को राजनीतिक रूप से ही नहीं, बल्कि भावनात्मक रूप से भी एकता के सूत्र में बांधा। उनके बिना एकीकृत भारत की कल्पना करना कठिन है।

सांसद ने आगे कहा कि एनडीए सरकार उनके पदचिह्नों पर चलते हुए भारत की शक्ति और दृढ़ निश्चय को विश्व मंच पर प्रदर्शित कर रही है। 'ऑपरेशन सिंधु' जैसे सफल अंतरराष्ट्रीय अभियानों के माध्यम से भारत ने यह दिखाया है कि वह अपने नागरिकों और हितों की रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम है। यह सरदार पटेल की उस भावना का ही विस्तार है, जो भारत को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाने की प्रेरणा देती है।

सांसद ने बताया कि सरदार पटेल की जयंती पर देशभर में 'एकता मार्च' आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य जनता में राष्ट्रीय एकता, अखंडता और भाईचारे की भावना को सुदृढ़ करना है।

सांसद शिवनाथ ने कहा कि यह पहल भारत सरकार की ओर से लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के योगदान को सम्मान देने और उनकी विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास है।

उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सरदार पटेल का इतिहास हमेशा प्रेरणास्रोत रहेगा। हर वर्ष यह दिवस उसी गौरव और गरिमा के साथ मनाया जाता रहेगा, ताकि हमें यह स्मरण रहे कि हमारी एकता और मजबूती की नींव सरदार पटेल के दृढ़ नेतृत्व पर टिकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि सरदार पटेल का योगदान भारतीय एकता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण था। उनकी दूरदृष्टि और नेतृत्व का प्रभाव आज भी हमारे समाज में महसूस किया जा रहा है, और इसे आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सरदार पटेल की जयंती कब मनाई जाती है?
सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती 31 अक्टूबर को मनाई जाती है।
सरदार पटेल का योगदान क्या है?
सरदार पटेल ने भारत को एकीकृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे सैकड़ों रियासतों का विलय हुआ।
सरदार पटेल को लौह पुरुष क्यों कहा जाता है?
उनकी दृढ़ता और साहस के कारण उन्हें लौह पुरुष कहा जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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