क्या सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ रविवार व्रत से सूर्य देव को प्रसन्न किया जा सकता है?

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क्या सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ रविवार व्रत से सूर्य देव को प्रसन्न किया जा सकता है?

सारांश

जानें कैसे सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ रविवार व्रत से आप सूर्य देव को प्रसन्न कर सकते हैं। इस दिन के महत्व, व्रत विधि और लाभ के बारे में विस्तार से जानें।

Key Takeaways

  • सर्वार्थ सिद्धि योग का महत्व समझें।
  • रविवार व्रत की विधि का पालन करें।
  • सूर्य देव की कृपा के लिए तांबे का दान करें।
  • आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
  • सफलता प्राप्त करने के लिए इस दिन का विशेष महत्व है।

नई दिल्ली, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि रविवार को आ रही है। इस दिन सूर्य वृश्चिक राशि में और चंद्रमा मीन राशि में रहेंगे। द्रिक पंचांग के अनुसार, अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 49 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा और राहुकाल का समय सुबह 4 बजकर 5 मिनट से शुरू होकर सुबह 5 बजकर 24 मिनट तक रहेगा।

इस तिथि पर कोई विशेष पर्व नहीं है, लेकिन जातक वार के अनुसार रविवार का व्रत रख सकते हैं, क्योंकि इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सर्वार्थ सिद्धि योग तब बनता है जब कोई विशेष नक्षत्र किसी विशेष दिन के साथ आता है। मान्यता है कि इस योग में किए गए कार्य सफल होते हैं और व्यक्ति को सफलता प्राप्त करने में मदद मिलती है। आप इस दिन नया कार्य शुरू कर सकते हैं।

स्कंद पुराण और नारद पुराण में रविवार व्रत का उल्लेख मिलता है, जिसमें बताया गया है कि यह व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए फलदायी है जिनकी कुंडली में सूर्य कमजोर है।

इस व्रत की शुरुआत किसी भी मास के शुक्ल पक्ष के पहले रविवार से की जा सकती है और 12 रविवार व्रत एवं विधि-विधान से पूजा कर उद्यापन किया जा सकता है।

व्रत को प्रारंभ करने के लिए आप रविवार की सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें, साफ वस्त्र धारण करें और मंदिर या पूजा स्थल को स्वच्छ करें। फिर एक चौकी पर साफ कपड़ा बिछाकर पूजन सामग्री रखें, फिर व्रत कथा सुनें और सूर्य देव को तांबे के बर्तन में जल भरकर उसमें फूल, अक्षत और रोली डालकर अर्घ्य दें। ऐसा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।

इसके अलावा, इस दिन आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने और सूर्य देव के मंत्र "ऊं सूर्याय नमः" या "ऊं घृणि सूर्याय नमः" का जप करने से भी विशेष लाभ मिलता है। रविवार के दिन गुड़ और तांबे का दान भी विशेष महत्व रखता है। इन उपायों को करने से सूर्य देव की कृपा प्राप्त होती है, साथ ही जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता हासिल होती है।

Point of View

NationPress
29/11/2025

Frequently Asked Questions

सर्वार्थ सिद्धि योग क्या है?
सर्वार्थ सिद्धि योग तब बनता है जब कोई विशेष नक्षत्र किसी विशेष दिन के साथ आता है, जिससे किए गए कार्य सफल होते हैं।
रविवार व्रत का महत्व क्या है?
रविवार व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए फलदायी है जिनकी कुंडली में सूर्य कमजोर है।
व्रत कैसे शुरू करें?
रविवार की सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें, साफ वस्त्र पहनें और पूजा स्थल को साफ करें।
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