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नीलगिरि के 6 तालुकों में भारी बारिश से स्कूल बंद, कोयंबटूर में भी छुट्टी; तमिलनाडु में जलभराव

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नीलगिरि के 6 तालुकों में भारी बारिश से स्कूल बंद, कोयंबटूर में भी छुट्टी; तमिलनाडु में जलभराव

सारांश

तमिलनाडु में पूर्वोत्तर मानसून का असर — नीलगिरि के 6 तालुकों और कोयंबटूर में स्कूल बंद। बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र चक्रवात बन सकता है। जलभराव से यातायात ठप, पर किसानों को राहत।

मुख्य बातें

नीलगिरि जिला कलेक्टर लक्ष्मी भव्य ने उदगमंडलम, कुन्नूर, कोटागिरी, कुंडा, गुडलूर और पांडालूर तालुकों में स्कूल बंद करने का आदेश जारी किया।
कोयंबटूर जिले में भी सभी स्कूल बंद; विशेष कक्षाएँ चलाने पर प्रतिबंध।
बंगाल की खाड़ी पर बना कम दबाव का क्षेत्र चक्रवात में बदल सकता है और आंध्र प्रदेश-ओडिशा तट की ओर बढ़ सकता है।
पुदुकोट्टई, तिरुचिरापल्ली, करूर और थेनी जिलों में भारी बारिश, कई सड़कों पर जलभराव।
बोदिमेट्टू पहाड़ी मार्ग पर घने कोहरे से दृश्यता खतरनाक स्तर तक कम।
किसानों को राहत — भूजल स्तर पुनर्भरण की संभावना, विशेष रूप से तंजावुर क्षेत्र में।

तमिलनाडु के नीलगिरि जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते जिला कलेक्टर लक्ष्मी भव्य ने शनिवार, 25 अक्टूबर 2026 को उदगमंडलम, कुन्नूर, कोटागिरी, कुंडा, गुडलूर और पांडालूर — इन छह तालुकों के सभी स्कूलों में छुट्टी का आदेश जारी किया। पड़ोसी कोयंबटूर जिले के कलेक्टर ने भी सभी प्रकार के स्कूलों के लिए अवकाश घोषित करते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि शनिवार को कोई भी विशेष कक्षाएँ नहीं चलाई जाएँ।

मुख्य घटनाक्रम

नीलगिरि जिला कलेक्टर लक्ष्मी भव्य ने छह तालुकों के सभी विद्यालयों — सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी — के लिए यह आदेश जारी किया। कोयंबटूर में जारी आदेश में विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि स्कूल प्रबंधन छात्रों को अतिरिक्त पढ़ाई या किसी भी अन्य गतिविधि के लिए न बुलाए।

राज्य के पश्चिमी जिलों और कई मध्य व दक्षिणी हिस्सों में सड़कों पर जलभराव हो गया है और कुछ क्षेत्रों में आवागमन बाधित हुआ है। पुदुकोट्टई के शहरी इलाकों में आधे घंटे से अधिक समय तक मूसलाधार बारिश हुई, जिससे मौसम में अचानक बदलाव आया। तिरुचिरापल्ली शहर और उसके आसपास के क्षेत्रों में भी भारी बारिश हुई, जिसके कारण कई प्रमुख सड़कों पर पानी भर गया और यातायात प्रभावित हुआ।

मौसम प्रणाली और चक्रवात का खतरा

मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय हो गया है। विभाग ने संकेत दिया है कि यह मौसमी प्रणाली एक चक्रवात में तब्दील हो सकती है और आंध्र प्रदेश-ओडिशा तट की ओर बढ़ सकती है। इस बीच तमिलनाडु में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर मानसून का मौसम चरम पर है।

बोदिमेट्टू पहाड़ी सड़क पर घना कोहरा छाए रहने से दृश्यता लगभग शून्य हो गई, जिससे वाहनों की आवाजाही खतरनाक हो गई। थेनी जिले के अंडीपट्टी, बोदिनायकानूर, पेरियाकुलम और कुंबुम इलाकों में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई।

आम जनता और किसानों पर असर

जहाँ एक ओर जलभराव से वाहन चालकों और स्थानीय निवासियों को परेशानी हुई, वहीं दूसरी ओर किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है। तंजावुर में शाम को हुई बारिश से कृषि क्षेत्र को फायदा हुआ, क्योंकि इससे भूजल स्तर को फिर से भरने में मदद मिलेगी। करूर कॉर्पोरेशन के विभिन्न हिस्सों में हुई बारिश से भी मौसम ठंडा हो गया, हालाँकि पल्लापट्टी में सड़कों पर पानी भरने से स्थानीय लोगों को असुविधा हुई।

गौरतलब है कि पश्चिमी घाट क्षेत्र और नीलगिरि पहाड़ियों में इस मौसम में बारिश की तीव्रता हर साल भूस्खलन और यातायात बाधाओं का कारण बनती है। स्कूल बंद करने के फैसले को सुरक्षा की दृष्टि से उचित कदम माना जा रहा है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

ज़िला प्रशासन ने आदेश में स्पष्ट किया है कि छुट्टी के आदेश का पालन सभी प्रकार के स्कूलों पर अनिवार्य रूप से लागू होगा। अधिकारियों ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को घर पर रखें और जब तक आवश्यक न हो, यात्रा से बचें। जलभराव वाले इलाकों में नगर निगम और स्थानीय निकायों की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं।

क्या होगा आगे

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों के दौरान तमिलनाडु के कई जिलों में भारी बारिश जारी रह सकती है। बंगाल की खाड़ी में बन रही मौसमी प्रणाली की दिशा और तीव्रता पर निगरानी रखी जा रही है। यदि यह चक्रवात में बदलती है, तो तटीय जिलों में अलर्ट जारी किया जा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली चिंता बंगाल की खाड़ी में बन रही मौसमी प्रणाली है — जो यदि चक्रवात बनती है, तो तमिलनाडु के तटीय जिलों में तबाही का कारण बन सकती है। पश्चिमी घाट क्षेत्र में हर साल इस मौसम में भूस्खलन की घटनाएँ बढ़ती हैं, फिर भी आपदा-पूर्व तैयारी और जल निकासी की अपर्याप्त व्यवस्था बार-बार सामने आती है। जलभराव की समस्या नई नहीं है — यह शहरी बुनियादी ढाँचे की दीर्घकालिक विफलता का प्रतिबिंब है।
RashtraPress
24 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीलगिरि में किन-किन तालुकों में स्कूल बंद किए गए हैं?
जिला कलेक्टर लक्ष्मी भव्य के आदेश के अनुसार उदगमंडलम, कुन्नूर, कोटागिरी, कुंडा, गुडलूर और पांडालूर — इन छह तालुकों के सभी स्कूलों में शनिवार को अवकाश घोषित किया गया। यह आदेश सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी सभी प्रकार के स्कूलों पर लागू है।
कोयंबटूर में स्कूल बंद के साथ और कौन-सा निर्देश दिया गया है?
कोयंबटूर जिला कलेक्टर ने सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित करने के साथ-साथ स्कूल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिया है कि शनिवार को किसी भी प्रकार की विशेष कक्षाएँ (स्पेशल क्लासेस) नहीं चलाई जाएँ और छात्रों को बुलाया न जाए।
क्या तमिलनाडु में चक्रवात का खतरा है?
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बना है, जो चक्रवात में बदल सकता है। यह प्रणाली आंध्र प्रदेश-ओडिशा तट की ओर बढ़ सकती है, जबकि इसके प्रभाव से तमिलनाडु में भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी।
तमिलनाडु के किन-किन जिलों में बारिश का असर हुआ है?
नीलगिरि और कोयंबटूर के अलावा पुदुकोट्टई, तिरुचिरापल्ली, करूर, तंजावुर और थेनी जिलों में भारी बारिश हुई है। इन इलाकों में जलभराव से यातायात प्रभावित हुआ है, जबकि बोदिमेट्टू पहाड़ी मार्ग पर कोहरे से दृश्यता बेहद कम हो गई।
इस बारिश से किसानों को फायदा होगा या नुकसान?
तंजावुर सहित कई कृषि क्षेत्रों में हुई बारिश से किसानों को राहत मिली है, क्योंकि इससे भूजल स्तर पुनर्भरण में मदद मिलेगी। हालाँकि शहरी इलाकों में जलभराव और पहाड़ी मार्गों पर कोहरे से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा है।
राष्ट्र प्रेस
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