मध्य प्रदेश: ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जन सुनवाई में शिकायतों के निपटान को लेकर अधिकारियों को फटकारा
सारांश
Key Takeaways
- जन सुनवाई में शिकायतों के निपटान की प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता है।
- सिंधिया ने जनता की शिकायतों के महत्व पर जोर दिया।
- प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए अधिकारियों को फटकार लगाई।
- महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सावधानी से संभालने की आवश्यकता है।
- जनता का विश्वास प्रशासन के प्रति महत्वपूर्ण है।
ग्वालियर, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिसमें केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सोमवार को अशोकनगर में जन सुनवाई कार्यक्रम के दौरान जनता की शिकायतों के निपटान में लापरवाही पर एक सरकारी अधिकारी को कड़ी फटकार लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं।
यह घटना अशोकनगर के जन सुनवाई कार्यक्रम में हुई।
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद मंत्री ने देखा कि नागरिकों द्वारा प्रस्तुत आवेदन मंच पर बिखरे पड़े थे, जिन्हें ठीक से एकत्र और दर्ज नहीं किया गया था।
सिंधिया ने बैठक के दौरान जनता से प्राप्त आवेदनों को इधर-उधर देखकर तुरंत उपस्थित अधिकारी से सवाल किया और उन्हें निर्देश दिया कि प्रत्येक आवेदन को सही तरीके से व्यवस्थित किया जाए।
नाराज सिंधिया ने अशोकनगर कलेक्टर साकेत मालवीय को डांटते हुए कहा कि ऐसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों को उचित सावधानी और जिम्मेदारी से संभालना चाहिए।
सिंधिया ने कहा कि ये जन आवेदन सोने के समान मूल्यवान हैं और इनके महत्व से प्रशासन पर जनता का भरोसा बढ़ता है।
यह वायरल वीडियो प्रशासनिक जवाबदेही और जनता की शिकायतों के निपटान की गंभीरता को उजागर करता है।
सिंधिया ने आगे कहा कि ये आवेदन महज कागज के टुकड़े नहीं हैं, बल्कि जनता की आशाओं, अपेक्षाओं और समस्याओं का प्रतिनिधित्व करते हैं।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इनका निपटान में किसी भी प्रकार की लापरवाही शासन व्यवस्था को प्रभावित करती है और जनता के विश्वास को कमजोर करती है।
यह उल्लेखनीय है कि सिंधिया पिछले तीन-चार दिनों से अपने गुना संसदीय क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में जन सुनवाई में भाग ले रहे हैं और अधिकारियों को जनता से मिली हर शिकायत के समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दे रहे हैं।
सोमवार सुबह मीडियाकर्मियों से चर्चा करते हुए सिंधिया ने बताया कि अशोकनगर के अपने तीन दिवसीय दौरे के दौरान कई स्थानों पर जन सुनवाई आयोजित की गई, और यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
शनिवार को सिंधिया के जनसंपर्क विभाग ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि जिला प्रशासन की उपस्थिति में जन सुनवाई आयोजित करने की पहल पिछले साल शुरू हुई थी और अब यह दूसरे चरण में पहुंच चुकी है।