क्या शाहजहांपुर में पुलिस ने बदमाशों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की?
सारांश
मुख्य बातें
शाहजहांपुर, 16 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में लूट करने वाले गैंग के साथ रविवार रात पुलिस की मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में एक बदमाश को गोली लगी, जिसे राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। पुलिस ने इस गिरोह के अन्य छह सदस्यों को भी गिरफ्तार किया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।
लूट की इस घटना की जांच के लिए थाना सेहरामऊ दक्षिणी की पुलिस और एसटीएफ लखनऊ लगातार छापेमारी कर रही थी। इसी दौरान, पुलिस ने शुक्रवार रात ग्राम नागरपाल पुल के पास दो मुख्य आरोपियों—हरदोई के रवि मिश्रा और शाहजहांपुर के गोपाल उर्फ आमेंद्र को गिरफ्तार किया।
इनसे पुलिस ने दो 315 बोर के तमंचे, दो कारतूस, 25,000 रुपये, दस्तावेज और घटना में इस्तेमाल की गई स्कूटी बरामद की।
पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि 6 नवंबर को ग्राम सरोरी के पास हुई लूट में उन्होंने अपने साथियों रामकिशुन उर्फ भल्लू, एनडी गाजी, अब्बास गाजी, छोटे यादव, रामलड़ैत और एक अज्ञात आरोपी के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। गैंग ने इस घटना को अंजाम देने से पहले रेकी की थी।
लूट के बाद गैंग के सदस्यों ने पैसे आपस में बांट लिए थे। कुछ रकम खर्च कर दी गई थी, जबकि बाकी राशि पुलिस ने बरामद कर ली।
गिरफ्तार आरोपी रवि मिश्रा और गोपाल पर हरदोई, सीतापुर, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में हत्या, लूट, गैंगस्टर एक्ट, आयुध अधिनियम सहित कई गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि यह गैंग लंबे समय से सक्रिय था और कई जिलों में वारदात कर चुका है।
एसपी राजेश द्विवेदी के निर्देश पर की जा रही कार्रवाई में एसटीएफ लखनऊ के उपनिरीक्षक अशोक कुमार गुप्ता के नेतृत्व में एसटीएफ टीम और थाना सेहरामऊ दक्षिणी की पुलिस टीम शामिल रही। पुलिस का कहना है कि गैंग के अन्य संभावित सहयोगियों की भी तलाश की जा रही है।