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'लोहिताक्ष' से बड़े पर्दे पर उतरेंगे सिद्धांत इस्सर, पिता पुनीत इस्सर का आशीर्वाद

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'लोहिताक्ष' से बड़े पर्दे पर उतरेंगे सिद्धांत इस्सर, पिता पुनीत इस्सर का आशीर्वाद

सारांश

थिएटर में 7-8 साल की मेहनत और पारिवारिक अभिनय विरासत के बाद सिद्धांत इस्सर अब बड़े पर्दे पर उतर रहे हैं। 'लोहिताक्ष' में उनका 12 मिनट का नॉन-स्टॉप सीन इस फिल्म को खास बनाने का दावा करता है — और पिता पुनीत इस्सर का आशीर्वाद इस सफर को और भावनात्मक बनाता है।

मुख्य बातें

सिद्धांत इस्सर सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म 'लोहिताक्ष' से बड़े पर्दे पर अपना पहला कदम रख रहे हैं।
फिल्म में 12 मिनट का एक नॉन-स्टॉप सीन है, जिसे भारत और विश्व में पहली बार किए जाने का दावा किया गया है।
पिता एवं दिग्गज अभिनेता पुनीत इस्सर ने प्रमोशन इवेंट में बेटे को आशीर्वाद दिया।
सिद्धांत पिछले 7-8 वर्षों से थिएटर में सक्रिय हैं और 150-200 से अधिक मंचन कर चुके हैं।
'दृश्यम' फेम अभिनेता कमलेश तुकाराम सावंत फिल्म में पुलिस की भूमिका में हैं।
निर्देशक भूपेंद्र सिंह ने फिल्म को ओडिशा से शुरू हुई एक 'ग्लोबल' कहानी बताया है।

अभिनेता सिद्धांत इस्सर सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म 'लोहिताक्ष' के ज़रिए बॉलीवुड में अपना बड़े पर्दे पर पदार्पण करने वाले हैं। 18 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में फिल्म के प्रमोशन कार्यक्रम के दौरान उनके पिता और दिग्गज अभिनेता पुनीत इस्सर ने बेटे को आशीर्वाद दिया। मर्डर-मिस्ट्री शैली की यह फिल्म निर्देशक भूपेंद्र सिंह ने बनाई है।

फिल्म का नाम और सिद्धांत का किरदार

सिद्धांत इस्सर ने बताया कि 'लोहिताक्ष' एक संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ है — 'जिसकी आँखों में लहू हो।' उन्होंने कहा, 'मैं इसमें एक नेगेटिव और पॉजिटिव रोल प्ले कर रहा हूं। मेरा 12 मिनट का एक नॉन-स्टॉप सीन है, जिसे पहली बार भारत और दुनिया के स्क्रीन पर किसी ने परफॉर्म किया है।' उन्होंने यह भी कहा कि वे फिल्म की कहानी के बारे में अधिक खुलासा नहीं करना चाहते, ताकि दर्शकों के लिए सस्पेंस बना रहे।

पुनीत इस्सर का आशीर्वाद और थिएटर की विरासत

अभिनेता पुनीत इस्सर ने कहा, 'एक पिता के तौर पर, मैं बस उसे आशीर्वाद देना चाहता हूं। जीवन में उसका अपना रास्ता और अपनी यात्रा है। यह पहला कदम है, और वह धीरे-धीरे आगे बढ़ता रहेगा।' उन्होंने बताया कि सिद्धांत पिछले 7-8 वर्षों से थिएटर में सक्रिय हैं। पिता द्वारा निर्मित महाभारत नाटक में वे पहले दुर्योधन का पात्र निभाते थे और बाद में 150-200 से अधिक शो में भगवान कृष्ण की भूमिका अदा की। इसके अलावा 'जय श्रीराम रामायण' में वे प्रभु श्रीराम का किरदार निभाते हैं।

सह-कलाकार और फिल्म की टीम

सिद्धांत के साथ इस फिल्म में 'दृश्यम' फेम अभिनेता कमलेश तुकाराम सावंत भी हैं, जो एक पुलिस अधिकारी की भूमिका में नज़र आएंगे। सिद्धांत ने बताया कि वे टेलीविज़न की दुनिया में पहले से सक्रिय हैं — कई टीवी सीरियलों में काम कर चुके हैं और एक आईटी अवॉर्ड भी जीत चुके हैं। हालाँकि, बड़े पर्दे पर यह उनका पहला अनुभव है।

निर्देशक की दृष्टि और फिल्म की पृष्ठभूमि

निर्देशक भूपेंद्र सिंह ने कहा कि उन्हें यह कहानी 'ग्लोबल' लगी और उन्हें विश्वास है कि यह ओडिशा से बाहर व्यापक दर्शकों तक पहुँच सकती है। उन्होंने बताया, 'फोटो देखकर मैंने निर्णय लिया कि मेरी फिल्म का हीरो यही होगा। मुझे जो चाहिए था, सिद्धांत में वो सब दिखा।' उनके अनुसार स्क्रिप्ट पर काफी समय लगाया गया है और कहानी में अनेक ट्विस्ट हैं जो दर्शकों को चौंकाते रहेंगे। यह फिल्म थ्रिलर, सस्पेंस और मर्डर-मिस्ट्री के प्रेमियों के लिए विशेष रूप से बनाई गई है।

गौरतलब है कि सिद्धांत इस्सर का यह पदार्पण थिएटर की गहरी तैयारी और पारिवारिक अभिनय विरासत दोनों पर टिका है — अब यह देखना दिलचस्प होगा कि 'लोहिताक्ष' बड़े पर्दे पर दर्शकों को किस हद तक बाँध पाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी परख तभी होगी जब दर्शक सिनेमाघर में बैठेंगे। असली सवाल यह है कि क्या 'लोहिताक्ष' भीड़भरे थ्रिलर बाज़ार में खुद को अलग साबित कर पाएगी।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिद्धांत इस्सर की फिल्म 'लोहिताक्ष' क्या है?
'लोहिताक्ष' एक सस्पेंस-थ्रिलर और मर्डर-मिस्ट्री फिल्म है जिसमें सिद्धांत इस्सर बड़े पर्दे पर पहली बार नज़र आएंगे। फिल्म का निर्देशन भूपेंद्र सिंह ने किया है और इसमें दृश्यम फेम कमलेश तुकाराम सावंत भी अहम भूमिका में हैं।
'लोहिताक्ष' नाम का क्या अर्थ है?
'लोहिताक्ष' एक संस्कृत शब्द है जिसका अर्थ है 'जिसकी आँखों में लहू हो।' सिद्धांत इस्सर ने स्वयं यह जानकारी फिल्म के प्रमोशन के दौरान साझा की।
सिद्धांत इस्सर के पिता पुनीत इस्सर कौन हैं?
पुनीत इस्सर हिंदी सिनेमा और थिएटर के एक दिग्गज अभिनेता हैं। उन्होंने अपने बेटे के साथ महाभारत और जय श्रीराम रामायण जैसे मंच नाटकों में काम किया है।
सिद्धांत इस्सर का थिएटर अनुभव कितना है?
सिद्धांत इस्सर पिछले 7-8 वर्षों से थिएटर में सक्रिय हैं और 150-200 से अधिक मंचन कर चुके हैं। उन्होंने महाभारत में दुर्योधन और भगवान कृष्ण तथा रामायण में प्रभु श्रीराम की भूमिकाएँ निभाई हैं।
फिल्म 'लोहिताक्ष' में खास क्या है?
सिद्धांत इस्सर के अनुसार फिल्म में उनका 12 मिनट का एक नॉन-स्टॉप सीन है, जिसे भारत और विश्व में पहली बार किसी ने पर्दे पर परफॉर्म किया है। निर्देशक भूपेंद्र सिंह ने इसे कई ट्विस्ट वाली ग्लोबल कहानी बताया है।
राष्ट्र प्रेस
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