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भाजपा की आर. श्रीलेखा ने केरल सरकार पर निशाना साधते हुए कहा- 'महिलाओं की सुरक्षा में कमी'

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भाजपा की आर. श्रीलेखा ने केरल सरकार पर निशाना साधते हुए कहा- 'महिलाओं की सुरक्षा में कमी'

सारांश

आर. श्रीलेखा ने केरल में महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उनकी टिप्पणियाँ एक नई राजनीतिक बहस का कारण बन गई हैं, जो आगामी चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

मुख्य बातें

श्रीलेखा ने केरल सरकार पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने अपनी व्यक्तिगत अनुभवों का हवाला देते हुए राज्य की नीतियों पर सवाल उठाए।
भाजपा की चुनावी रणनीति में उनकी उम्मीदवारी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

तिरुवनंतपुरम, ३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। वट्टियूरकावु से भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) की उम्मीदवार आर. श्रीलेखा ने शुक्रवार को केरल में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर बातें कहीं, जिससे एक विवाद उत्पन्न हुआ है। उन्होंने सीधे तौर पर राज्य सरकार पर निशाना साधा।

सस्थामंगलम में 'श्रीलेखा के साथ ब्रंच' कार्यक्रम के दौरान, उन्होंने आरोप लगाया कि केरल सरकार ने 'लव जिहाद' जैसे मामलों पर 'आंखें मूंद ली हैं', जिसके परिणामस्वरूप महिलाओं की सुरक्षा में कमी आई है।

अपने अनुभव का जिक्र करते हुए, श्रीलेखा ने कहा कि एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी होने के बावजूद, उन्हें भी कई मुश्किल हालात का सामना करना पड़ा, लेकिन सहायता नहीं मिली।

उन्होंने यह भी कहा कि केरल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) रावदा ए. चंद्रशेखर ने भी उनकी मदद नहीं की, और यह कि समर्थन 'राजनीतिक मंजूरी' पर निर्भर करता है।

एक मंत्री की पत्नी से जुड़ी हालिया घटना का उल्लेख करते हुए, श्रीलेखा ने सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए, यह कहते हुए कि पुलिस शिकायत निवारण प्रकोष्ठ में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

भाजपा नेता ने कहा, "केरल में यही स्थिति है।"

श्रीलेखा की टिप्पणियाँ न केवल उनकी राजनीतिक धार के कारण, बल्कि उनकी प्रमुख पृष्ठभूमि के कारण भी ध्यान आकर्षित कर रही हैं।

वह राज्य की पहली महिला आईपीएस अधिकारी हैं, जो पुलिस महानिदेशक के पद तक पहुंची हैं; यह एक उपलब्धि है जो उनके सार्वजनिक व्यक्तित्व को परिभाषित करती है, भले ही उन्होंने कानून-व्यवस्था का कार्यभार न संभाला हो।

राजनीति में उनका प्रवेश तब हुआ जब पिछले वर्ष उन्होंने भाजपा की केरल इकाई में शामिल होने का निर्णय लिया।

कुछ ही महीनों में, श्रीलेखा को तिरुवनंतपुरम नगर निगम में एक ग्रामीण वार्ड से पार्षद उम्मीदवार के रूप में चुनाव में उतारा गया, जहां उन्होंने जीत हासिल की।

हालांकि प्रारंभ में उन्हें संभावित महापौर के रूप में पेश किया गया था, यदि भाजपा सत्ता में आती, लेकिन अंतिम समय में उन्हें दरकिनार कर दिया गया।

वट्टियूरकावु विधानसभा क्षेत्र में उनकी उम्मीदवारी भाजपा की एक और रणनीतिक योजना है।

भाजपा पिछले तीन विधानसभा चुनावों में से दो में इस क्षेत्र में दूसरे स्थान पर रही है, और अब जब पार्टी तिरुवनंतपुरम नगर निगम में सत्ता में है, तो वह श्रीलेखा को इस मुकाबले में एक संभावित 'छुपा रुस्तम' के रूप में प्रस्तुत कर रही है।

जैसे-जैसे चुनावी प्रचार तेज हो रहा है, श्रीलेखा की टिप्पणियों ने पहले से ही गरमाए हुए चुनावी मुकाबले में एक नया मोड़ ला दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि केरल की राजनीतिक स्थिति पर भी एक नया दृष्टिकोण प्रस्तुत करती हैं।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आर. श्रीलेखा ने केरल सरकार पर क्या आरोप लगाए?
उन्होंने आरोप लगाया कि केरल सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा में कमी की है और 'लव जिहाद' जैसे मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया।
श्रीलेखा का राजनीतिक करियर कब शुरू हुआ?
उनका राजनीतिक करियर पिछले वर्ष भाजपा की केरल इकाई में शामिल होने के साथ शुरू हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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