क्या सुप्रीम कोर्ट ने बीएलओ की सुरक्षा पर नोटिस जारी किया?

Click to start listening
क्या सुप्रीम कोर्ट ने बीएलओ की सुरक्षा पर नोटिस जारी किया?

सारांश

सुप्रीम कोर्ट ने बीएलओ की सुरक्षा को लेकर नया नोटिस जारी किया है, जो कि राज्य में बढ़ती सुरक्षा चिंताओं और कार्यभार के दबाव को दर्शाता है। यह कदम बीएलओ की सुरक्षा और कार्य परिस्थितियों को बेहतर बनाने की दिशा में उठाया गया है।

Key Takeaways

  • सुप्रीम कोर्ट ने बीएलओ की सुरक्षा को लेकर गंभीरता दिखाई है।
  • राज्य सरकारों को अतिरिक्त स्टाफ तैनात करने का निर्देश दिया गया है।
  • बीएलओ की बढ़ती सुरक्षा चिंताओं का समाधान करना आवश्यक है।
  • इस मुद्दे पर राजनीतिक हस्तक्षेप की भी चिंता जताई गई है।
  • सुप्रीम कोर्ट ने कार्य परिस्थितियों में सुधार का सुझाव दिया है।

नई दिल्ली, 9 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में शामिल बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने नया नोटिस जारी किया है। यह कदम राज्य में बीएलओ की बढ़ती सुरक्षा चिंताओं और उनके कार्यभार के बढ़ते दबाव के मद्देनजर उठाया गया है।

सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, "हम इस बात को लेकर चिंतित हैं कि तमाम राजनेता इस मुद्दे को लेकर कोर्ट पहुंच रहे हैं। ऐसा लगता है कि यह मंच उन्हें हाईलाइट करने का माध्यम बन गया है।"

सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने कहा कि बीएलओ पर बढ़ती धमकियों और हिंसा के कई मामलों में सिर्फ एक एफआईआर दर्ज है। याचिका में उठाई गई बाकी हिंसा की घटनाएं पुरानी हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आम तौर पर चुनाव से पहले पुलिस प्रशासन सीधे चुनाव आयोग के नियंत्रण में नहीं दिया जाता।

चुनाव आयोग के वकील ने भी बीएलओ की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग का समर्थन किया।

गौरतलब है कि इससे पहले 4 दिसंबर को बीएलओ की मौत पर तमिलनाडु की राजनीतिक पार्टी टीवीके द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बीएलओ की मौतों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की थी। कोर्ट ने कहा था कि बीएलओ पर बढ़ते काम के बोझ को कम करने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती तत्काल की जानी चाहिए। देशभर में अब तक लगभग 35-40 बीएलओ अत्यधिक कार्यभार और तनाव के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं। याचिकाकर्ताओं ने पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की भी मांग की थी।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस बागची की पीठ ने कहा था कि एसआईआर प्रक्रिया एक वैध प्रशासनिक कार्रवाई है, जिसे समय पर पूरा करना बेहद आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया था कि यदि कहीं स्टाफ की कमी है, तो राज्य सरकारों को अतिरिक्त कर्मचारी नियुक्त करने का कार्य करना अनिवार्य है।

कोर्ट ने यह भी कहा था कि बीमार, असमर्थ या अत्यधिक दबाव में काम कर रहे अधिकारियों के लिए राज्य सरकारों को संवेदनशील रवैया अपनाना चाहिए और तुरंत वैकल्पिक स्टाफ तैनात करना चाहिए। इससे बीएलओ के कार्य घंटे कम होंगे और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

Point of View

ताकि वे अपने कार्य को बिना किसी डर के निभा सकें।
NationPress
04/02/2026

Frequently Asked Questions

सुप्रीम कोर्ट ने बीएलओ की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए हैं?
सुप्रीम कोर्ट ने बीएलओ की सुरक्षा को लेकर नोटिस जारी किया है, जिसमें अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती और संवेदनशीलता से काम करने का निर्देश दिया गया है।
बूथ लेवल अधिकारियों की सुरक्षा के लिए क्या माँग की गई है?
बीएलओ की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति की माँग की गई है।
Nation Press