क्या बिहार सांसद सुरेंद्र यादव का 'वायरल वीडियो' राजनीतिक विवाद का कारण बन गया है?
सारांश
Key Takeaways
- सुरेंद्र यादव का वायरल वीडियो राजनीतिक विवाद का कारण बना है।
- भाजपा और जदयू ने कार्रवाई की मांग की है।
- वीडियो में अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया है।
- नीतीश कुमार के शासन में कानून का राज है।
- यादव समुदाय की नाराजगी पर सवाल उठे हैं।
पटना, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के जहानाबाद से सांसद और राजद नेता सुरेंद्र यादव का सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के चलते सियासी बयानबाजी में तेजी आ गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने राजद प्रमुख लालू यादव से इस सांसद के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
दरअसल, जहानाबाद सांसद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर फैल गया है, जिसमें वे यादव समाज के लोगों को वोट न देने के लिए भला-बुरा कहते हुए नजर आ रहे हैं और अपशब्दों का प्रयोग कर रहे हैं।
हालांकि राष्ट्र प्रेस इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता। वीडियो के प्रकाश में आने के बाद, जदयू और भाजपा ने राजद पर हमला बोलना शुरू कर दिया। जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि सुरेंद्र यादव सांसद हैं और बेलागंज में राजद का किला ढह चुका है। यदि अब वोट नहीं मिलते हैं, तो इसका कारण यह है कि आपने उस समुदाय के लोगों को धोखा दिया है। वे अब परिवारवाद का दंश झेलने के लिए तैयार नहीं हैं, इसलिए राजद सांसद के इस बयान की निंदा करना आश्चर्यजनक नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि धन-बल के पास जो है, वह राजनीति में किसी का विरोध नहीं कर सकता। वोटों की ताकत से राजद कोमा में जाता रहेगा और इनकी भाषाई लंपटई जारी रहेगी।
जदयू के नेता ने कहा कि सांसद के बयान में एक सच स्वीकारा गया है कि लालू यादव और तेजस्वी यादव का अब यादवों पर एकाधिकार नहीं रह गया है। नीतीश कुमार के शासन में अब कानून का राज है। ऐसी धमकियों से कोई फर्क नहीं पड़ता।
इधर, भाजपा के विधायक और बिहार के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने सवाल उठाते हुए कहा कि यादव का क्या मतलब है, क्या यह लालू यादव या सुरेंद्र यादव हैं? उन्हें जो वोट मिला, वह भी यादवों का ही था। उनके वोट से ही सुरेंद्र यादव सांसद बने। उनके बेटे ने चुनाव लड़ा और हार गए, लेकिन वहां भी जो जीता, वह यादव ही था। उन्होंने लालू यादव से सुरेंद्र यादव पर कार्रवाई की मांग की है।