क्या तमिलनाडु भाजपा ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर नैतिक और जिम्मेदार मतदान की अपील की?
सारांश
Key Takeaways
- मतदाता शिक्षा लोकतंत्र को मजबूत बनाती है।
- जिम्मेदारीपूर्वक मतदान हर नागरिक का कर्तव्य है।
- भाजपा का अभियान नैतिक मतदान को बढ़ावा देता है।
- समावेशी भागीदारी का महत्व समझें।
- मतदाता सूची सुधार से स्वच्छ चुनाव संभव हैं।
चेन्नई, २५ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय मतदाता दिवस २०२६ के उपलक्ष्य में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को तमिलनाडु में एक व्यापक अभियान का शुभारंभ किया, जिसमें नागरिकों से अपील की गई कि वे अपने मताधिकार का जिम्मेदारीपूर्वक प्रयोग करें और आने वाले विधानसभा चुनावों में १०० प्रतिशत मतदान सुनिश्चित करें।
पार्टी का कहना है कि लोकतंत्र को सुदृढ़ करने और जन-केंद्रित शासन को सुनिश्चित करने के लिए निरंतर मतदाता शिक्षा और चुनावी सुधार की आवश्यकता है।
तमिलनाडु भाजपा के प्रवक्ता एएनएस प्रसाद ने एक बयान में कहा कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस ने मतदान के अधिकार, चुनावी निष्पक्षता और सूचित विकल्पों के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने उल्लेख किया कि लक्षित मतदाता शिक्षा के कुछ वर्षों के भीतर, देश ने राष्ट्रीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखा, जो २०१४ के आम चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन के सत्ता में आने का परिणाम बना।
प्रसाद ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) के मद्देनजर २०२६ के इस आयोजन का महत्व और भी बढ़ गया है। उन्होंने इसे फर्जी प्रविष्टियों को हटाने और वास्तविक मतदाताओं को सशक्त बनाने के लिए एक कठोर प्रक्रिया बताया।
उनके अनुसार, एसआईआर ने यह सुनिश्चित करके चुनावी प्रक्रिया में जनता का विश्वास बहाल किया है कि केवल योग्य नागरिक ही चुनाव परिणामों का निर्धारण करें।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची सुधारों को लेकर भारत के चुनाव आयोग, प्रधानमंत्री और पार्टी पर की जा रही आलोचना राजनीतिक रूप से प्रेरित थी और स्वच्छ चुनावों के लिए जनता के समर्थन ने इसका खंडन किया है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि तमिलनाडु में इसी तरह की जागरूकता से मतदाताओं को २०२६ के चुनावों में भ्रष्टाचार, वंशवादी राजनीति और जनविरोधी गठबंधनों को खारिज करने में मदद मिलेगी।
राष्ट्रीय मतदाता दिवस २०२६ के विषय "मेरा भारत, मेरा वोट" और नारे "भारतीय लोकतंत्र के केंद्र में नागरिक" पर प्रकाश डालते हुए प्रसाद ने बताया कि राज्यभर में भाजपा कार्यकर्ता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं।
इन पहलों में जागरूकता सभाएं, मतदाता पंजीकरण अभियान और विकास एवं कल्याण में नैतिक मतदान की भूमिका पर चर्चा शामिल हैं।
बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस अवसर पर जारी शुभकामना संदेश का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें नागरिकों से मतदान को एक पवित्र लोकतांत्रिक कर्तव्य मानने का आह्वान किया गया है।
प्रसाद ने कहा कि पार्टी का मानना है कि निरंतर जनभागीदारी, पारदर्शी चुनाव और जागरूक भागीदारी तमिलनाडु में एक स्थिर, विकासोन्मुखी सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त करेगी।
प्रतिवर्ष २५ जनवरी को मनाया जाने वाला राष्ट्रीय मतदाता दिवस भारत निर्वाचन आयोग की स्थापना की स्मृति में मनाया जाता है और इसका उद्देश्य समावेशी भागीदारी, चुनावी निष्पक्षता और नागरिक-केंद्रित लोकतंत्र के मूल्यों को सुदृढ़ करना है।