क्या तमिलनाडु में एनडीए को मिलेगा मजबूत जनादेश? एमके स्टालिन को भाजपा प्रवक्ता प्रेम शुक्ला का जवाब
सारांश
Key Takeaways
- भाजपा का दावा है कि एनडीए को मजबूत जनादेश मिलेगा।
- मुख्यमंत्री स्टालिन ने डबल इंजन की बात को खारिज किया।
- कांग्रेस सांसद टैगोर का कहना है कि यह इंजन पहले से ही फेल हो चुका है।
चेन्नई/नई दिल्ली, 24 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के बाद तमिलनाडु की राजनीतिक स्थिति में उथल-पुथल मची हुई है। सत्ताधारी द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (डीएमके) और कांग्रेस पार्टी का दावा है कि एनडीए गठबंधन का राज्य में कोई प्रभाव नहीं होगा। इस पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जवाब देते हुए कहा है कि तमिलनाडु के संकेत इस बात की पुष्टि करते हैं कि एनडीए को एक मजबूत जनादेश प्राप्त होगा।
समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने कहा, "तमिलनाडु में डीएमके सरकार के खिलाफ जनता में जो भारी गुस्सा है, उससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले एनडीए को मजबूत जनादेश मिलने की संभावना है। राज्य से मिल रहे संकेत इस बात को दर्शाते हैं।"
इसी दौरान, प्रेम शुक्ला ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के आरोपों का भी कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा, "स्टालिन की पार्टी के नेता देश में नफरत का माहौल बना रहे हैं। उनका बेटा भी इसी काम में जुटा हुआ है। मद्रास हाईकोर्ट ने कहा है कि उनके बेटे के खिलाफ नफरत फैलाने के लिए कार्रवाई होनी चाहिए। उन्हें अपने बेटे उदयनिधि को नफरत फैलाने की गतिविधियों से बाहर निकालना चाहिए।"
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने एक बयान में कहा कि तमिलनाडु में भाजपा का डबल इंजन काम नहीं करेगा। प्रधानमंत्री मोदी की रैली के बाद स्टालिन ने 'एक्स' पर लिखा, "प्रधानमंत्री जिस डबल इंजन की बात करते हैं, वह तमिलनाडु में सफल नहीं होगा। राज्य ने भाजपा की सभी रुकावटों को पार करते हुए ऐतिहासिक विकास किया है।"
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा कि चाहे सरकार डबल इंजन की बात करे या ट्रिपल इंजन की, अगर इंजन ही फेल हो चुका हो तो उसे कोई चला नहीं सकता। टैगोर ने यह भी कहा कि तमिलनाडु में यह इंजन पहले ही फेल हो चुका है और सीबीआई और ईडी की मदद से बनाए गए एनडीए गठबंधन का यहां कोई असर नहीं होगा।
मणिकम टैगोर ने कहा कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। उन्होंने तिरुपरनकुंद्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि यह मामला तमिलनाडु के लोगों के लिए अत्यंत संवेदनशील है।