क्या तेजस्वी यादव कर्पूरी ठाकुर का नाम लेकर उनके विचारों का अपमान कर रहे हैं? उपेंद्र कुशवाहा का सवाल
सारांश
Key Takeaways
- कर्पूरी ठाकुर की जयंती को 'संकल्प दिवस' के रूप में मनाने का निर्णय।
- तेजस्वी यादव की नैतिकता पर सवाल उठाने वाले बयान।
- मुंबई में बिहार भवन के निर्माण को लेकर बढ़ता विवाद।
पटना, 24 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि तेजस्वी केवल कर्पूरी ठाकुर का नाम लेते हैं, लेकिन उनके कार्य इसके बिल्कुल विपरीत हैं।
उपेंद्र कुशवाहा ने यह भी कहा कि तेजस्वी यादव को जयंती मनाने का कोई अधिकार नहीं है। हालांकि, हम उन्हें रोक नहीं सकते, लेकिन नैतिकता के आधार पर उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए।
तेजस्वी यादव ने कर्पूरी ठाकुर को याद करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि वे समतामूलक समाज, सामाजिक न्याय और कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए जीवनभर संघर्षरत रहे। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और स्वतंत्रता सेनानी जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।
उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि हमारी पार्टी ने तय किया है कि हम कर्पूरी ठाकुर की जयंती को 'संकल्प दिवस' के रूप में मनाएंगे। हम श्रद्धांजलि दे रहे हैं और उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हैं। कर्पूरी ठाकुर हमारे लिए प्रेरणा के स्रोत रहे हैं, जिन्होंने गरीबों के लिए बहुत कार्य किए और इसी कारण उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने बिहार का गौरव बढ़ाने के लिए कर्पूरी ठाकुर को यह सम्मान दिया।
इसके अलावा, मुंबई में बिहार भवन के निर्माण को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। राज ठाकरे पर निशाना साधते हुए उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि उनका बयान आपत्तिजनक है। ऐसे बयान के लिए उन पर मुकदमा दर्ज होना चाहिए और उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए। बिहार के लोगों की भूमिका मुंबई के विकास में महत्वपूर्ण रही है। अगर बिहार के लोग अपना भवन बनाना चाहते हैं, तो इसमें आपत्ति क्यों? स्थानीय सरकार से हमारी मांग है कि तत्काल कार्रवाई की जाए।