क्या तेजस्वी यादव ने गणतंत्र दिवस पर एनडीए सरकार पर निशाना साधा?
सारांश
Key Takeaways
- संविधान की रक्षा का आह्वान
- एनडीए सरकार की नीतियों की आलोचना
- गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय एकता का महत्व
- सामूहिक प्रतिज्ञा की अपील
- बिहार में गणतंत्र दिवस का उत्सव
पटना, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए एनडीए सरकार को एक राजनीतिक संदेश भी दिया।
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि गणतंत्र दिवस का यह अवसर हमें हमारे महान स्वतंत्रता सेनानियों, संविधान के रचनाकारों और अमर शहीदों को याद करने का है, जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता, एकता और अखंडता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।
उन्होंने सत्ताधारी एनडीए सरकार की नीतियों पर भी तीखा हमला किया। तेजस्वी ने कहा कि देश की स्थिति “विपरीत सामाजिक, विपरीत आर्थिक और विपरीत संवैधानिक” नीतियों के कारण चिंताजनक होती जा रही है।
तेजस्वी ने आरोप लगाया कि संविधान लागू होने के दशकों बाद अब लोकतंत्र को मजबूत करने के बजाय कमजोर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि तानाशाही ताकतें अब संविधान की मूल भावना पर हमला कर रही हैं, जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में कोई योगदान नहीं दिया। उन्होंने “प्रस्तावना में बदलाव” के प्रयास को देश के लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए खतरनाक संकेत बताया।
अपने संदेश के अंत में तेजस्वी यादव ने नागरिकों से अपील की कि वे संविधान की रक्षा के लिए सामूहिक प्रतिज्ञा लें।
उन्होंने कहा कि भारत को बलिदान और संघर्ष के माध्यम से एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में बनाया गया था और अब इसकी एकता, अखंडता और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
तेजस्वी का यह गणतंत्र दिवस संदेश यह दर्शाता है कि आने वाले दिनों में संविधान और लोकतंत्र राजनीतिक चर्चा के केंद्र में रहने वाले हैं।
पूरे देश के साथ ही, बिहार में 77वां गणतंत्र दिवस उत्साह और देशभक्ति के साथ मनाया जा रहा है। राज्य की राजधानी पटना में सरकारी और संस्थागत भवनों पर ध्वजारोहण और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।