क्या तेजस्वी यादव को राजद का कार्यकारी अध्यक्ष बनाना परिवारवाद है?

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क्या तेजस्वी यादव को राजद का कार्यकारी अध्यक्ष बनाना परिवारवाद है?

सारांश

तेजस्वी यादव को राजद का कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर भाजपा ने परिवारवाद का आरोप लगाया है। क्या यह परिवार की मजबूरी है? जानिए इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ और भविष्य के संकेत क्या हैं।

Key Takeaways

  • तेजस्वी यादव को कार्यकारी अध्यक्ष बनाना परिवारवाद का उदाहरण है।
  • भाजपा ने इसे परिवार की मजबूरी कहा है।
  • राजद के अंदर वरिष्ठ नेताओं की कमी नहीं है, फिर भी तेजस्वी का चयन हुआ।
  • भविष्य में राजद का अस्तित्व खतरे में है।

पटना, 25 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव को राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर भाजपा ने परिवारवाद के मुद्दे पर राजद पर तंज कसा है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय सरावगी ने इसे परिवार की मजबूरी करार दिया है।

नित्यानंद राय ने कहा कि तेजस्वी यादव की ताजपोशी न तो राष्ट्रीय जनता दल के लिए नई है और न ही बिहार के लिए। लालू परिवार तीन दशकों से बिहार में परिवार प्रथम के सिद्धांत पर काम कर रहा है। तेजस्वी यादव को भले ही आज कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है, लेकिन पार्टी का संचालन और नियंत्रण तो वे वर्षों से कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, "मैं हमेशा से कहता रहा हूं कि लालू परिवार और राजद का सरोकार न तो बिहार के विकास से है और न ही बिहार के गरीब, दलित, वंचित और पिछड़ों की तरक्की से। लालू परिवार का मूल मकसद अपने परिवार की खुशहाली और समृद्धि है। यह बात आज एक बार फिर से साबित हो गई है।"

बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि तेजस्वी का कार्यकारी अध्यक्ष बनना राजद के राजनीतिक ताबूत में अंतिम कील साबित होगा। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव की अब तक की उपलब्धि केवल एक भ्रष्टाचार की रही है। इसके अलावा, वे पढ़ाई और राजनीति में असफल रहे हैं। इस प्रकार की असफलता को देखते हुए उन्हें कार्यकारी अध्यक्ष बनाना परिवार की मजबूरी है।

सरावगी ने कहा कि राजद में अब्दुल बारी सिद्दीकी, जगदानंद सिंह, उदय नारायण चौधरी जैसे वरिष्ठ नेता हैं, लेकिन तेजस्वी यादव को कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर राजद ने साबित कर दिया है कि पार्टी में परिवारवाद की जड़ें गहरी हैं।

उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जाना राजद का आंतरिक मामला है, लेकिन इस निर्णय के खिलाफ विरोध का बिगुल उनके अपने परिवार से बजना राजद के भविष्य के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं। राजद वास्तव में अब समाप्ति की ओर बढ़ गई है।

Point of View

हमें यह समझना चाहिए कि परिवारवाद हमेशा से भारतीय राजनीति का हिस्सा रहा है। तेजस्वी यादव का कार्यकारी अध्यक्ष बनना एक महत्वपूर्ण निर्णय है, लेकिन इसके पीछे की राजनीति और दल के भीतर के समीकरण यह दर्शाते हैं कि राजद को अपने भविष्य के लिए गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।
NationPress
04/02/2026

Frequently Asked Questions

तेजस्वी यादव को क्यों बनाया गया कार्यकारी अध्यक्ष?
तेजस्वी यादव को कार्यकारी अध्यक्ष बनाने का निर्णय राजद की आंतरिक राजनीति का हिस्सा है, जो परिवारवाद को दर्शाता है।
भाजपा ने तेजस्वी यादव पर क्या आरोप लगाया?
भाजपा ने तेजस्वी यादव को भ्रष्टाचार और परिवारवाद के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
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