क्या टीएमसी नेता हुमायूं कबीर राजनीतिक लाभ के लिए बंगाल का सौहार्द खराब कर रहे हैं?: यासर जिलानी

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क्या टीएमसी नेता हुमायूं कबीर राजनीतिक लाभ के लिए बंगाल का सौहार्द खराब कर रहे हैं?: यासर जिलानी

सारांश

तृणमूल कांग्रेस विधायक हुमायूं कबीर के विवादास्पद बयान ने राजनीतिक बवाल मचा दिया है। बीजेपी प्रवक्ता यासर जिलानी ने कबीर पर तीखा हमला किया है, उनका कहना है कि यह बयान बंगाल के साम्प्रदायिक सौहार्द को नुकसान पहुंचा सकता है। जानें इस मुद्दे पर क्या कहा गया है।

Key Takeaways

  • हुमायूं कबीर का विवादास्पद बयान राजनीतिक हलचल का कारण बना।
  • यासर जिलानी ने कबीर के बयान को भड़काऊ बताया।
  • राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक भावनाओं का उपयोग खतरनाक हो सकता है।
  • साम्प्रदायिक सौहार्द को बनाए रखने की आवश्यकता है।
  • राजनीतिक बयानबाजी में जिम्मेदारी आवश्यक है।

नई दिल्ली, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) विधायक हुमायूं कबीर के 'बाबरी मस्जिद' पर दिए गए बयान ने राजनीतिक हलचलों को बढ़ा दिया है। भाजपा प्रवक्ता यासर जिलानी ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि हुमायूं कबीर केवल राजनीतिक लाभ और सरकार में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए भड़काऊ बयान दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कबीर का यह बयान न सिर्फ अनावश्यक है, बल्कि इससे बंगाल का साम्प्रदायिक सौहार्द भी प्रभावित हो सकता है।

यासर जिलानी ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि इस्लाम में मस्जिदों के नाम किसी व्यक्ति, विशेषकर विवादास्पद ऐतिहासिक व्यक्तियों जैसे बाबर के नाम पर रखने की परंपरा नहीं है। उन्होंने कहा कि बाबर भारत के खंडित इतिहास का हिस्सा है और उसके नाम पर मस्जिद बनाने का प्रयास मुस्लिम समुदाय को गुमराह करने के समान है। जिलानी ने स्पष्ट किया कि 'बाबरी' नाम पर मस्जिद बनाने का सपना कभी पूरा नहीं होगा।

इसी क्रम में भाजपा प्रवक्ता यासर जिलानी ने जमीयत उलेमा-ए-हिंद के नेता मौलाना महमूद मदनी के जिहाद शब्द पर उठाए जा रहे सवालों पर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि महमूद मदनी धार्मिक नहीं, बल्कि राजनीतिक व्यक्ति हैं और अपने बयानों के माध्यम से धार्मिक भावनाओं का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं। जिलानी ने कहा कि मदनी ने अपने भाषण में जिहाद की गलत व्याख्या की और देश में मुसलमानों पर अत्याचार होने का बेबुनियाद आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि मदनी का दावा है कि जुल्म के खिलाफ खड़ा होना ही जिहाद है, जबकि उनके बयान का सार केवल 'मुसलमानों पर जुल्म' की कहानी कहना है, जिससे कट्टरता बढ़ती है। जिलानी ने कहा कि मदनी का भाषण अशिक्षित और बेरोजगार लोगों को बरगलाने का प्रयास है। इसके विपरीत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार सभी के विकास और समान अधिकारों की बात करती है।

यासर जिलानी ने आरोप लगाया कि महमूद मदनी अपने राजनीतिक प्रभाव के कम होने से चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि जब मदनी राज्यसभा सदस्य थे, तब उन्हें देश में कोई 'जुल्म' नहीं दिखा, लेकिन अब सियासी हाशिए पर जाने के बाद वे माहौल को भड़काने वाले बयान दे रहे हैं। जिलानी ने कहा कि मौजूदा सरकार भाईचारे और सौहार्द को बढ़ावा देती है, इसलिए ऐसे भड़काऊ भाषण समाज में नकारात्मकता फैलाने का काम करते हैं।

Point of View

जहां एक पक्ष अपने लाभ के लिए धार्मिक संवेदनाओं को भड़काने की कोशिश कर रहा है। इस तरह की बयानबाजी से न केवल राजनीति प्रभावित होती है, बल्कि आम जनजीवन में भी तनाव बढ़ता है। सभी पक्षों को एक संतुलित और जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
NationPress
29/11/2025

Frequently Asked Questions

हुमायूं कबीर का विवादित बयान क्या था?
हुमायूं कबीर ने 'बाबरी मस्जिद' को लेकर एक विवादास्पद बयान दिया था, जिसे भाजपा प्रवक्ता यासर जिलानी ने भड़काऊ बताया।
यासर जिलानी ने कबीर के बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
यासर जिलानी ने कहा कि कबीर केवल राजनीतिक लाभ के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं, जो बंगाल के साम्प्रदायिक सौहार्द को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
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