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क्या टीएमसी का प्रदर्शन 'चोरी और सीना जोरी' जैसा है? : संजय निरुपम

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क्या टीएमसी का प्रदर्शन 'चोरी और सीना जोरी' जैसा है? : संजय निरुपम

सारांश

दिल्ली में टीएमसी का प्रदर्शन और संजय निरुपम का बयान, क्या यह वास्तव में 'चोरी और सीना जोरी' का उदाहरण है? जानें इस मामले में ईडी की छापेमारी और राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ।

मुख्य बातें

टीएमसी का प्रदर्शन केंद्रीय गृह मंत्री के कार्यालय के बाहर हुआ।
संजय निरुपम ने इसे 'चोरी और सीना जोरी' का उदाहरण बताया।
ईडी की कार्रवाई पर राजनीतिक विवाद जारी है।
लालू प्रसाद यादव के खिलाफ घोटाले के आरोप हैं।
कानून का पालन सभी को करना होगा।

मुंबई, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से संबंधित पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म आई-पैक के दफ्तर पर ईडी द्वारा छापेमारी के विरोध में टीएमसी ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इस घटनाक्रम पर शिवसेना के नेता संजय निरुपम ने ममता बनर्जी और टीएमसी पर तीखा हमला किया।

संजय निरुपम ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि यह पूरा मामला स्पष्ट रूप से 'चोरी और सीना जोरी' का उदाहरण है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर केंद्रीय जांच एजेंसियों को अपने कार्य करने से रोका जा रहा है, ईडी अधिकारियों को धमकाया जा रहा है और उनसे फाइलें छीनने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जबकि दूसरी ओर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और जांच एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से अपना काम करने देना चाहिए।

'लैंड फॉर जॉब' मामले में संजय निरुपम ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार पर घोटाले के गंभीर आरोप लगे हैं, जिनकी जांच चल रही है और अदालत ने इस मामले में आरोप तय कर दिए हैं।

उन्होंने कहा कि आरोप तय होने का अर्थ है कि कोर्ट ने भी यह माना है कि प्रथम दृष्टा अपराध हुआ है। आने वाले दिनों में अदालत इस पर अंतिम फैसला सुनाएगी।

संजय निरुपम ने कहा कि जिन लोगों ने भ्रष्टाचार किया है, वे यह कहकर बच नहीं सकते कि वे विपक्ष से हैं या किसी विशेष समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब कोई व्यक्ति सत्ता में होता है और किसी संवैधानिक या महत्वपूर्ण पद पर रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग करता है, तो उसने न केवल कानून तोड़ा बल्कि उस शपथ का भी उल्लंघन किया, जो उसने पद ग्रहण करते समय ली थी। ऐसे लोगों को अपने किए की सजा भुगतनी ही पड़ेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो केंद्र सरकार के खिलाफ उठाया गया है। यह घटना राजनीतिक विमर्श को एक नई दिशा दे सकती है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टीएमसी ने क्यों प्रदर्शन किया?
टीएमसी ने ईडी की छापेमारी के खिलाफ प्रदर्शन किया है, जिसे उन्होंने अन्यायपूर्ण माना है।
संजय निरुपम ने क्या कहा?
संजय निरुपम ने इसे 'चोरी और सीना जोरी' का उदाहरण बताया और कानून के पालन की आवश्यकता पर जोर दिया।
लालू प्रसाद यादव पर आरोप क्या हैं?
लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार पर गंभीर घोटाले के आरोप लगे हैं, जिनकी जांच चल रही है।
राष्ट्र प्रेस
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