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क्या तुर्कमान गेट पर हुई हिंसा के पीछे सपा-कांग्रेस का हाथ है?

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क्या तुर्कमान गेट पर हुई हिंसा के पीछे सपा-कांग्रेस का हाथ है?

सारांश

तुर्कमान गेट पर हुई पत्थरबाजी की घटना ने राजनीतिक हलचल को जन्म दिया है। क्या कांग्रेस और सपा इस हिंसा के पीछे हैं? जानिए इस विवाद का पूरा सच और नेताओं के बयान।

मुख्य बातें

भाजपा ने तुर्कमान गेट पर पत्थरबाजी की निंदा की।
कांग्रेस और सपा पर धर्म की राजनीति करने का आरोप।
दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश का पालन होना चाहिए।
राजनीतिक संरक्षण का सवाल उठता है।
कानून का पालन सभी को करना चाहिए।

नई दिल्ली, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता गौरव भाटिया ने तुर्कमान गेट पर अतिक्रमण हटाने गए पुलिसकर्मियों पर पत्थरबाजी की घटना की निंदा की है। भाजपा नेता ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं पर धर्म की राजनीति करने और पत्थरबाजों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है।

भाजपा नेता ने कहा कि तुर्कमान गेट में जहां अवैध अतिक्रमण हो रहा है, वहां दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई की गई और अतिक्रमण हटाने का काम किया गया। इस दौरान जिस तरह से पुलिस पर पत्थरबाजी की गई और पांच पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, यह शर्मनाक है। यह उन पत्थर फेंकने वाले लोगों पर भी सवाल उठाता है, जो भारत के आदर्श नागरिक नहीं हैं, जिनकी संविधान में आस्था नहीं है और जो पूरी तरह से अराजक हैं।

उन्होंने कहा कि अदालत के किसी भी आदेश का पालन करने का काम सरकार का होता है और भारत का नागरिक उसका स्वागत करता है। दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया है। ऐसे में कोर्ट के आदेश का पालन कराने वाले पुलिसकर्मियों पर पत्थर बरसाना बहुत ही निंदनीय है।

भाजपा नेता ने कहा कि बड़ा सवाल यह है कि इन अराजक तत्वों को राजनीतिक संरक्षण कौन दे रहा है। यह बड़े दुख की बात है कि संविधान हाथ में रखने वाले राहुल गांधी की पार्टी के एक नेता इमरान मसूद कहते हैं कि मुसलमानों को प्रताड़ित किया जा रहा है। मैं राहुल गांधी से पूछता हूं कि क्या देश के संविधान या कानून में आपकी और आपकी पार्टी के नेताओं की आस्था नहीं है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के एक और नेता संदीप दीक्षित कहते हैं कि भाजपा खास धर्म के लोगों को टारगेट कर रही है। पत्थरबाजों की निंदा करने की हिम्मत राहुल गांधी, इमरान मसूद और संदीप दीक्षित समेत कांग्रेस के किसी नेता में नहीं है। ये अराजक तत्वों और पत्थरबाजों के साथ खड़े हैं। यही वजह है कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी कहते हैं कि कांग्रेस मुसलमानों की पार्टी है।

उन्होंने कहा कि जब सरकार ठोस कार्रवाई करती है तो वो कार्रवाई किसी धर्म के खिलाफ नहीं होती है। अगर कोई अतिक्रमण करता है तो अदालत के आदेश का पालन होना ही चाहिए, फिर चाहे अतिक्रमणकर्ता किसी भी धर्म व पार्टी का क्यों न हो।

भाजपा नेता ने कहा कि समाजवादी पार्टी के सांसद खुद भड़काऊ बयान दे रहे थे। वो दंगा कराना चाहते थे। अखिलेश यादव अपने सांसद के बयान पर चुप्पी साधे हुए हैं। क्या सपा प्रमुख की संविधान और कानून में आस्था नहीं है? सपा के पूर्व सांसद एसटी हसन कहते हैं कि क्रिया की प्रतिक्रिया होगी। ऐसे में यह साफ हो गया है कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी धर्म की राजनीति करते हैं और पत्थरबाजों की हिमायत लेते हैं।

उन्होंने कहा कि कोई माई का लाल नहीं है, जो सरकारी जमीन पर कब्जा जमाकर बैठ जाए। कांग्रेस और सपा ध्रुवीकरण की राजनीति करती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि राजनीतिक दलों के बीच बढ़ती हुई खाई को भी उजागर किया है। सच्चाई यह है कि सभी नागरिकों को कानून का पालन करना चाहिए, चाहे वे किसी भी धर्म या पार्टी के हों। हमें चाहिए कि हम अराजकता से दूर रहें और संविधान के प्रति अपनी आस्था बनाए रखें।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तुर्कमान गेट पर पत्थरबाजी के पीछे किसका हाथ है?
भाजपा के प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कांग्रेस और सपा पर आरोप लगाया है कि वे धर्म की राजनीति कर रहे हैं और पत्थरबाजों को संरक्षण दे रहे हैं।
क्या यह घटना गंभीर है?
हाँ, यह घटना गंभीर है क्योंकि इसमें पुलिसकर्मियों पर हमला किया गया है, जिससे कानून व्यवस्था पर सवाल उठते हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट का इस मामले में क्या कहना है?
दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया है, जिसके तहत पुलिस कार्रवाई कर रही थी।
राष्ट्र प्रेस
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