उमर अब्दुल्ला ने पूछा- '39 दिन के युद्ध से अमेरिका को क्या मिला?', होर्मुज के खुलने पर दी प्रतिक्रिया
सारांश
Key Takeaways
- उमर अब्दुल्ला ने 39 दिन चले संघर्ष पर सवाल उठाए।
- 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' के खुलने की सराहना की।
- प्रियंका गांधी ने ईरान की एकजुटता की तारीफ की।
- संघर्ष-विराम का निर्णय डोनाल्ड ट्रंप ने लिया।
- ईरान ने प्रस्ताव को अस्थायी रूप से स्वीकार किया।
श्रीनगर, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ईरान और अमेरिका के बीच हुए संघर्ष-विराम पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' के पुनः खुलने की सराहना की। इसके साथ ही, उमर अब्दुल्ला ने इस 39 दिन चले संघर्ष को लेकर अमेरिका पर सवाल उठाए।
उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा, "इस संघर्ष-विराम के परिणामस्वरूप एक महत्वपूर्ण जलडमरूमध्य, 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज', फिर से खुल गया है। यह जलडमरूमध्य युद्ध से पहले सभी के लिए खुला था और इसका उपयोग स्वतंत्रता से किया जाता था। आखिर इस 39 दिन के युद्ध से अमेरिका को क्या लाभ हुआ?"
इससे पहले, कांग्रेस पार्टी की महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने संघर्ष-विराम पर टिप्पणी करते हुए ईरान के लोगों की प्रशंसा की। उन्होंने 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा, "ईरानी लोग अपने संसाधनों की रक्षा के लिए एकजुट हुए, जबकि पश्चिमी शक्तियों ने नकारात्मक भाषा का प्रयोग करते हुए सभ्यता के अंत की घोषणा की।"
उन्होंने आगे कहा, "दुनिया देख रही है कि कैसे पश्चिमी नैतिकता का मुखौटा उतर रहा है। नफरत, गुस्सा, हिंसा और अन्याय कभी नहीं जीतते। साहस हमेशा विजय प्राप्त करता है।"
यह ध्यान देने योग्य है कि ईरान और अमेरिका के बीच फिलहाल दो हफ्तों के लिए युद्धविराम लागू है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघर्ष-विराम समझौते के तहत ईरान पर हमलों को दो हफ्तों के लिए सशर्त रोकने की घोषणा की। उन्होंने इस कदम को 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को पुनः खोलने के प्रयास से जोड़ा।
ईरान ने इस प्रस्ताव को अस्थायी रूप से स्वीकार करने का संकेत दिया है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि यदि ईरान पर हमले बंद होते हैं, तो तेहरान भी अपनी सैन्य कार्रवाई को रोक देगा।