क्या यूपी में साल 2026 में राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सहायक आचार्य के 1112 पदों पर तैनाती होगी?
सारांश
Key Takeaways
- उत्तर प्रदेश में 2026 में सहायक आचार्य के 1112 पदों पर भर्ती होगी।
- यह भर्ती युवाओं को सरकारी नौकरी का अवसर प्रदान करेगी।
- स्वास्थ्य शिक्षा प्रणाली को मजबूत किया जाएगा।
- राजकीय मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण और तकनीकी पदों पर भर्ती की जाएगी।
- योग्य शिक्षकों और प्रशिक्षित स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
लखनऊ, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा को सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में, वर्ष 2026 में राजकीय मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण और तकनीकी पदों पर बड़ी संख्या में भर्ती की जाएगी। इसमें सहायक आचार्य, आचार्य और प्रवक्ता (फार्मेसी) के पद शामिल हैं। इन पदों पर लगभग 1,200 अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी का अवसर मिलेगा। इस कदम से न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य शिक्षा व्यवस्था भी और मजबूत होगी।
योगी सरकार जल्द ही लोक सेवा आयोग, प्रयागराज से चयनित 1,230 नर्सिंग अधिकारियों (महिला/पुरुष) के नियुक्ति पत्र जारी करेगी। अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अमित कुमार घोष ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभाग में खाली पदों पर नियुक्ति करने के निर्देश दिए थे ताकि प्रदेश के ज्यादा से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी मिल सके। इस संदर्भ में चिकित्सा शिक्षा विभाग ने राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सहायक आचार्य, आचार्य और प्रवक्ता (फार्मेसी) के पदों का अधियाचन लोक सेवा आयोग, प्रयागराज के माध्यम से चयन के लिए भेजा है।
उन्होंने बताया कि जल्द ही इन पदों के लिए विज्ञापन जारी किया जाएगा। राजकीय मेडिकल कॉलेजों में लगभग 1200 पदों, जिनमें सहायक आचार्य के 1,112 पद, आचार्य के 44 पद और प्रवक्ता (फार्मेसी) के 11 पद शामिल हैं, पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया जाएगा। इसके अलावा, नर्सिंग कैडर को सशक्त करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। लोक सेवा आयोग, प्रयागराज से चयनित 1,230 नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे। इससे प्रदेश के सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूती मिलेगी।
प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा को केवल डिग्री देने तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे गुणवत्ता, शोध और व्यावहारिक प्रशिक्षण से जोड़ा गया है। इसी के तहत पिछले पौने नौ वर्षों में प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। पहले कुछ गिने-चुने जिलों तक सीमित चिकित्सा शिक्षा अब लगभग हर जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के लक्ष्य को पूरा कर चुकी है।
नए कॉलेजों के संचालन के लिए योग्य शिक्षकों और प्रशिक्षित स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। यह भर्ती उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सहायक आचार्य, आचार्य और फार्मेसी प्रवक्ताओं की नियुक्ति से मेडिकल छात्रों को बेहतर मार्गदर्शन मिलेगा, शोध गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, और चिकित्सा शिक्षा का स्तर राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो सकेगा। इससे भविष्य में प्रदेश को कुशल डॉक्टर, फार्मासिस्ट, और स्वास्थ्य विशेषज्ञ मिलेंगे, जो आम जनता को बेहतर सेवाएं प्रदान करेंगे।