क्या रायबरेली में महिला बीएलओ और लेखपाल पर हमला हुआ?
सारांश
Key Takeaways
- ग्राम प्रधान और उसके साथियों ने सरकारी कर्मचारियों पर हमला किया।
- महिला बीएलओ और लेखपाल की सुरक्षा का ध्यान रखना आवश्यक है।
- सरकार ने त्वरित कार्रवाई की है।
रायबरेली, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के रायबरेली के पाल्हीपुर गांव में मतदाता सूची के एसआईआर के कार्य में लगे सरकारी कर्मचारियों पर एक घातक हमले का मामला सामने आया है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम प्रधान और उसके साथी द्वारा एक महिला बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) और एक लेखपाल पर हमला किया गया। उन्हें दौड़ाकर पीटने के साथ-साथ सरकारी दस्तावेज़ों को फाड़ने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है।
पीड़ित महिला बीएलओ आरती यादव और लेखपाल अविनाश भारती पाल्हीपुर गांव में एसआईआर का कार्य कर रहे थे। ग्राम प्रधान दीपक यादव अपने साथी नोखई के साथ मौके पर पहुंचा और कार्य में विघ्न डालने लगा। जब बीएलओ ने प्रधान को समझाने का प्रयास किया, तो वह अभद्रता करने लगे।
घटना के बढ़ने पर लेखपाल अविनाश भारती ने बीच-बचाव किया, लेकिन प्रधान और भड़क गए। इसके बाद उसने जनगणना प्रपत्र फाड़ दिया और गालियाँ देने लगा। ग्रामीणों के हस्तक्षेप से दोनों कर्मचारी अपनी जान बचाने में सफल रहे।
इस घटना की जानकारी पीड़ित कर्मचारियों ने उपजिलाधिकारी सलोन, चन्द्र प्रकाश को दी। उप जिलाधिकारी ने घटना की गंभीरता को देखते हुए कोतवाल राघवन कुमार सिंह को तत्काल मामले की जांच और आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया।
क्षेत्राधिकारी सलोन यादवेंद्र बहादुर ने बताया कि तहरीर के आधार पर लेखपाल और बीएलओ की ओर से पाल्हीपुर गांव में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य किया जा रहा था, जहां ग्राम प्रधान और उसके साथियों ने कर्मचारियों के साथ मारपीट की और उन्हें गांव से बाहर निकाल दिया। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। ग्रामीणों से भी मामले की जानकारी ली जा रही है। इस घटना में शामिल सभी लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है।
ग्राम प्रधान पर महिला बीएलओ और लेखपाल को दौड़ाकर पीटने का आरोप लगाया गया है। इसकी जांच चल रही है।