क्या यूपी में कफ सिरप तस्करी मामले में शुभम जायसवाल का मौसेरा भाई गिरफ्तार हुआ है?
सारांश
Key Takeaways
- कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी एक गंभीर अपराध है।
- आदित्य, शुभम का मौसेरा भाई है और तस्करी में शामिल था।
- पुलिस ने तस्करी के नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए जांच शुरू की है।
- फेंसिडिल जैसे उत्पादों की अवैध बिक्री स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है।
- इस मामले में और गिरफ्तारियों की संभावना है।
वाराणसी, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में कोडीन युक्त कफ सिरप तस्करी के एक मामले में पुलिस ने एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार व्यक्ति का नाम आदित्य है, जो मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल का मौसेरा भाई बताया जा रहा है। उसकी दुकान का नाम स्वास्तिक फार्मा है, जो सप्तसागर दवा मंडी में स्थित है।
पुलिस के अनुसार, आदित्य जायसवाल यह दुकान लगभग सात से आठ साल से चला रहा है। शुभम जायसवाल के पिता भोला प्रसाद जायसवाल ने शैली ट्रेडर्स नाम से कंपनी रांची में खोली थी, जिसकी देखरेख शुभम और उसके पिता करते थे। लगभग दो साल पहले, शुभम ने अपने मौसेरे भाई आदित्य के साथ मिलकर कुछ फर्में खोली थीं, जिनका उपयोग फेंसिडिल कफ सिरप की कागजी सप्लाई के लिए किया जाता था। इनमें से एक फर्म का नाम शिव इंटर प्राइजेज था।
पूछताछ में आदित्य ने बताया कि शुभम उसकी मौसी का बेटा है और भोला प्रसाद उसके मौसा हैं। उन्होंने बताया कि वे मिलकर दवा का व्यापार करके पैसा कमा रहे थे, और आदित्य को इस बात की पूरी जानकारी थी कि वे लोग प्रतिबंधित कफ सिरप का काला बाजारी कर रहे थे। आदित्य ने कहा कि शुभम हमेशा कहता था कि जो दवा की सप्लाई हो रही है, वह केवल कागजों पर है और इसका टैक्स भी जमा होता है। इस वजह से उन्हें डरने की जरूरत नहीं थी।
आदित्य ने यह भी बताया कि वह इंडियन बैंक की शाखा पीली कोठी में जाकर नगद पैसे जमा करने का काम करता था। उसे शुभम पैसे देता था और वह बैंक में जमा कर देता था। एक बार गलती से उसने एक स्लिप पर अपना नाम और मोबाइल नंबर लिख दिया, जिसके कारण वह गिरफ्तार हुआ।