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यूपीआई ने मनाया 10 साल: लेनदेन में हुई 12,000 गुना वृद्धि, वैल्यू में 4,000 गुना का इजाफा

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यूपीआई ने मनाया 10 साल: लेनदेन में हुई 12,000 गुना वृद्धि, वैल्यू में 4,000 गुना का इजाफा

सारांश

भारत के यूपीआई ने 10 वर्षों में 12,000 गुना लेनदेन की वृद्धि दर्ज की है। यह एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो डिजिटल भुगतान की दुनिया में एक नया आयाम प्रस्तुत करता है।

मुख्य बातें

यूपीआई ने 10 वर्षों में 12,000 गुना लेनदेन की वृद्धि की है।
वैल्यू में 4,000 गुना का इजाफा हुआ है।
महामारी के दौरान यूपीआई का उपयोग तेजी से बढ़ा।
यूपीआई क्यूआर कोड की संख्या में 15% की वृद्धि हुई।
नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने रिकॉर्ड लेनदेन दर्ज किया।

नई दिल्ली, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत के डिजिटल भुगतान प्रणाली यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) को 11 अप्रैल को 10 सालवॉल्यूम में 12,000 गुना से ज्यादा की वृद्धि हुई है और लेनदेन की वैल्यू में 4,000 गुना से अधिक का इजाफा देखने को मिला है।

एनालिटिक्स कंपनी ट्रैक्सन के अनुसार, यूपीआई के माध्यम से वित्तीय वर्ष 26 में 218.98 अरब लेनदेन हुए, जिनकी वैल्यू 285 लाख करोड़ रुपए थी। वहीं, वित्तीय वर्ष 17 में यह आंकड़ा 1.786 करोड़ लेनदेन और 6,952 करोड़ रुपए की वैल्यू पर था।

शुरुआती वर्षों में लेनदेन में धीरे-धीरे वृद्धि हुई, वित्तीय वर्ष 18 में 91.5 करोड़ और वित्तीय वर्ष 19 में 5.39 अरब तक पहुंचे। इसके बाद वित्तीय वर्ष 20 में यूपीआई ने मुख्यधारा में प्रवेश किया, जब लेनदेन 12.52 अरब हो गए और इनकी वैल्यू 21 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गई।

महामारी के दौरान यूपीआई के उपयोग में तेज़ी आई, वित्तीय वर्ष 21 में लेनदेन की संख्या 22.33 अरब और वित्तीय वर्ष 22 में 45.97 अरब तक पहुंच गई। वित्तीय वर्ष 2023 में यह फिर से दोगुनी होकर 83.75 अरब लेनदेन तक पहुंच गई।

यूपीआई ने वित्तीय वर्ष 24 में 130.13 अरब और वित्तीय वर्ष 25 में 185.87 अरब लेनदेन दर्ज किए।

2025 में व्यापारियों द्वारा भुगतान स्वीकार करने का आधार भी बढ़ा, यूपीआई क्यूआर कोड की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत बढ़कर 73.13 करोड़ तक पहुंच गई।

पॉइंट-ऑफ-सेल टर्मिनलों की संख्या में भी 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई, यह 1.148 करोड़ हो गई।

नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 में यूपीआई ने 2016 में लॉन्च होने के बाद से अब तक का सबसे अधिक मासिक लेनदेन दर्ज किया।

यूपीआई ने मार्च में 22.64 अरब लेनदेन प्रोसेस किए, जो फरवरी में दर्ज किए गए 20.39 अरब लेनदेन से काफी अधिक है।

मार्च का आंकड़ा जनवरी में दर्ज किए गए 21.70 अरब लेनदेन के पिछले उच्चतम स्तर को भी पार कर गया। इस दौरान वार्षिक आधार पर, लेनदेन की मात्रा में 24 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में भी एक नई क्रांति का सूत्रपात किया है। यह एक महत्वपूर्ण समय है जब हम इसे एक सफल मॉडल के रूप में देखते हैं।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपीआई की शुरुआत कब हुई थी?
यूपीआई की शुरुआत 11 अप्रैल 2016 को हुई थी।
यूपीआई का उपयोग कैसे किया जाता है?
यूपीआई का उपयोग मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जा सकता है, जहां उपयोगकर्ता अपने बैंक खाते को लिंक कर भुगतान कर सकते हैं।
यूपीआई की लेनदेन संख्या में वृद्धि का क्या कारण है?
यूपीआई की लेनदेन संख्या में वृद्धि के पीछे तकनीकी विकास, उपयोगकर्ता के अनुभव में सुधार और महामारी के दौरान डिजिटल भुगतान की आवश्यकता शामिल है।
क्या यूपीआई सुरक्षित है?
हाँ, यूपीआई में कई सुरक्षा उपाय हैं, जैसे कि दो-चरणीय प्रमाणीकरण और सुरक्षित एन्क्रिप्शन।
राष्ट्र प्रेस
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