11 जुलाई 2026
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क्या 2017 से पहले यूपी में बुनियादी सुविधाओं का अभाव था? आज प्रदेश इंफ्रास्ट्रक्चर का राष्ट्रीय मॉडल बना

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क्या 2017 से पहले यूपी में बुनियादी सुविधाओं का अभाव था? आज प्रदेश इंफ्रास्ट्रक्चर का राष्ट्रीय मॉडल बना

सारांश

उत्तर प्रदेश ने पिछले कुछ वर्षों में अपने बुनियादी ढांचे में भारी बदलाव किया है। 2017 के बाद से, राज्य ने एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, और मेट्रो सेवाओं में वृद्धि की है, जिससे यह देश के सबसे तेजी से विकसित राज्यों में से एक बन गया है। यह रिपोर्ट इस परिवर्तन का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करती है।

मुख्य बातें

2017 के बाद से बुनियादी ढांचे में व्यापक सुधार हुआ है।
उत्तर प्रदेश में 16 हवाई अड्डे अब क्रियाशील हैं।
हाल ही में एक्सप्रेसवे की संख्या में वृद्धि हुई है।
सरकारी योजनाओं के तहत स्मार्ट सिटी परियोजनाएं प्रगति पर हैं।
पर्यटकों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।

लखनऊ, 5 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश, जो कभी गड्ढों से भरी सड़कों, बदहाल बुनियादी ढांचे और विकास की सुस्त रफ्तार के लिए जाना जाता था, अब देश के सबसे तेजी से विकसित राज्यों में शामिल हो चुका है। 2017 से पहले की सरकारों में न तो ठोस इच्छाशक्ति थी और न ही स्पष्ट योजना। राज्य में निवेश की कमी थी, सड़कों की स्थिति जर्जर थी, हवाई और रेल कनेक्टिविटी सीमित थी और शहरी विकास अव्यवस्थित था।

उत्तर प्रदेश, जो 'एक जिला, एक माफिया' के लिए जाना जाता था, कानून-व्यवस्था और अधोसंरचना दोनों में पिछड़ा हुआ था। लेकिन, 2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में जब प्रदेश में सुशासन की बागडोर संभाली गई, तब केंद्र-राज्य समन्वय के माध्यम से उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर क्रांति की नींव रखी गई।

आज एक्सप्रेसवे से लेकर एयरपोर्ट तक, मेट्रो से लेकर वॉटरवे तक हर क्षेत्र में यूपी देश को नेतृत्व दे रहा है। सीएम योगी के नेतृत्व में, उत्तर प्रदेश केवल एक राज्य नहीं, बल्कि भारत की नई आर्थिक रफ्तार का इंजन बन चुका है।

2017 से पहले, उत्तर प्रदेश की पहचान थी गड्ढायुक्त सड़कों की। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे अधूरा था और पूर्वांचल, बुंदेलखंड तथा गंगा एक्सप्रेसवे जैसी योजनाएं केवल फाइलों में थीं। आज वही प्रदेश देश में सर्वाधिक एक्सप्रेसवे वाला राज्य बन चुका है।

वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 7 एक्सप्रेसवे संचालित हो रहे हैं, जबकि 15 एक्सप्रेसवे निर्माणाधीन और प्रस्तावित हैं। गंगा एक्सप्रेसवे के पूरा होते ही, देश में हर 10 में 6 किमी एक्सप्रेसवे का हिस्सा उत्तर प्रदेश में होगा।

2017 से पहले, लखनऊ और गोरखपुर एयरपोर्ट प्रमुख रूप से क्रियाशील थे। आज उत्तर प्रदेश में 16 हवाई अड्डे क्रियाशील हैं, जिनमें 4 इंटरनेशनल एयरपोर्ट (लखनऊ, वाराणसी, कुशीनगर, अयोध्या) शामिल हैं।

यूपी अब 5 इंटरनेशनल एयरपोर्ट और 16 घरेलू हवाई अड्डों के साथ 21 एयरपोर्ट वाला राज्य बनने की ओर अग्रसर है।

मेट्रो की स्थिति में भी बहुत सुधार हुआ है। अब यूपी में लखनऊ, कानपुर और आगरा सहित 5 शहरों में मेट्रो की सुविधा उपलब्ध है।

2017 से पहले, यूपी निवेश के नक्शे से बाहर था। आज जेवर एयरपोर्ट, फिल्म सिटी, डिफेंस कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट्स से यूपी निवेश और रोजगार का हब बनता जा रहा है।

17 नगर निगम आज स्मार्ट सिटी बन चुके हैं। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत सभी 17 नगर निगमों में 10,300 करोड़ से अधिक की 757 परियोजनाएं प्रगति पर हैं।

बीते 8 वर्षों में प्रतिदिन औसतन 11 किमी नई सड़क और 9 किमी सड़क चौड़ीकरण21 करोड़ पर्यटक67 करोड़ तक पहुंच गई।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर प्रदेश में बुनियादी सुविधाओं में क्या बदलाव आए हैं?
2017 के बाद से, यूपी में एक्सप्रेसवे , एयरपोर्ट , और मेट्रो सेवाओं में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
क्या यूपी में अब और अधिक निवेश आ रहा है?
जी हां, यूपी में जेवर एयरपोर्ट और फिल्म सिटी जैसे प्रोजेक्ट्स से निवेश में वृद्धि हो रही है।
स्मार्ट सिटी परियोजना में यूपी का क्या योगदान है?
उत्तर प्रदेश में 17 नगर निगम स्मार्ट सिटी बन चुके हैं और 757 परियोजनाएं प्रगति पर हैं।
राष्ट्र प्रेस
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