क्या वडोदरा में यूनिटी मार्च का चौथा दिन भी भव्य स्वागत प्राप्त हुआ?

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क्या वडोदरा में यूनिटी मार्च का चौथा दिन भी भव्य स्वागत प्राप्त हुआ?

सारांश

वडोदरा में यूनिटी मार्च का चौथा दिन अत्यंत उत्साहपूर्ण रहा, जिसमें केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और मनसुख मांडविया शामिल हुए। इस यात्रा ने देश की विविधता और एकता का प्रतीक पेश किया। जानें इस भव्य आयोजन के बारे में और क्या महत्वपूर्ण बातें हुईं।

Key Takeaways

  • यूनिटी मार्च का आयोजन सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर किया गया।
  • केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और मनसुख मांडविया ने यात्रा में भाग लिया।
  • मार्च में देशभक्ति के नारे लगाए गए।
  • आर्थिक विकास पर भी चर्चा की गई।
  • यह मार्च अगले छह दिनों तक चलेगा।

वडोदरा, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया राष्ट्रीय यूनिटी मार्च शनिवार को अपने चौथे दिन वडोदरा में उत्साह के साथ आगे बढ़ा। सुबह गोत्री विस्तार से केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया भी यात्रा में शामिल हुए। जैसे ही दोनों नेता यात्रा में पहुंचे, उपस्थित जनसमूह ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। दक्षिण भारतीय संघ वडोदरा ने विशेष सत्कार किया, जबकि गोत्री इस्कॉन मंदिर के महंत और भक्तों ने मंत्रियों को फूल-मालाएं पहनाकर अभिनंदन किया।

गोत्री से आगे बढ़ते हुए मार्च ने टांडेलेज और फिर अटलाद्रा क्षेत्र में कदम रखा। यहां का माहौल देशभक्ति से भरा हुआ था। मुस्लिम छात्रों से लेकर विभिन्न समुदायों के युवाओं ने 'भारत माता की जय,' 'वंदे मातरम्,' और 'जय सरदार' के नारे लगाए। मार्च जिस भी क्षेत्र से गुजरा, वहां का उत्साह देखने लायक था।

यात्रा को लेकर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो एक आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी भारत की परिकल्पना की थी, वह धीरे-धीरे साकार हो रही है। उन्होंने कहा कि यह यूनिटी मार्च हमारी विरासत और उन महान पूर्वजों को याद करने का एक बड़ा संदेश है, जिन्होंने देश को एकजुट किया। गोयल ने यह भी कहा कि यात्रा अभी छह दिनों तक और चलेगी और इसमें लाखों लोग जुड़ेंगे। विभिन्न भाषाओं, पहनावों और पृष्ठभूमियों के लोग जिस तरह मार्च का हिस्सा बन रहे हैं, वह अपने आप में एक अद्वितीय दृश्य है।

इसके बाद पीयूष गोयल ने देश की अर्थव्यवस्था के बारे में भी चर्चा की। गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले 11 वर्षों में अर्थव्यवस्था की नींव मजबूत की और कई बड़े सुधार किए। इन्हीं सुधारों का परिणाम आज देश की मजबूत अर्थव्यवस्था के रूप में सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि 8.2 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि कोई छोटी बात नहीं है। जबकि दुनिया भारत की वृद्धि को 6 प्रतिशत या 6.5 प्रतिशत का अनुमान लगा रही थी, भारत ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर यह साबित कर दिया है कि चाहे कितनी भी बड़ी चुनौती हो, भारत रुकने वाला नहीं है। भारत झुकने वाला नहीं है।

गौरतलब है कि यूनिटी मार्च आगे बढ़ते हुए अटलादरा के बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर पहुंचेगा, जहां एक सभा का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद नवलखी मैदान में भव्य लोक-डायरो का आयोजन होगा। कहा जा रहा है कि अटलादरा से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा भी यूनिटी मार्च में शामिल हो सकते हैं।

Point of View

जो न केवल सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है, बल्कि यह हमारे देश की विविधता को भी दर्शाता है। यह आयोजन एक सकारात्मक संदेश देता है कि हम सभी एकजुट होकर किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं।
NationPress
29/11/2025

Frequently Asked Questions

यूनिटी मार्च का उद्देश्य क्या है?
यूनिटी मार्च का उद्देश्य देश की एकता और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना है।
इस मार्च में कौन-कौन से नेता शामिल हुए?
इस मार्च में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और डॉ. मनसुख मांडविया शामिल हुए।
मार्च का आयोजन कब शुरू हुआ था?
मार्च का आयोजन सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर किया गया था।
मार्च का कार्यक्रम कब तक चलेगा?
यह मार्च अगले छह दिनों तक जारी रहेगा।
क्या अन्य नेता भी इसमें शामिल होंगे?
हां, अटलादरा से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी शामिल हो सकते हैं।
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