क्या वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के लिए लेफ्ट था ग्रेजुएट और टीएमसी पोस्ट ग्रेजुएट? : समिक भट्टाचार्य

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क्या वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के लिए लेफ्ट था ग्रेजुएट और टीएमसी पोस्ट ग्रेजुएट? : समिक भट्टाचार्य

सारांश

पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए मतदाता सूची में गड़बड़ियों को लेकर भाजपा सांसद समिक भट्टाचार्य ने टीएमसी और वाम मोर्चा पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मृत मतदाताओं के नाम अभी भी सूची में हैं। क्या यह चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करेगा?

Key Takeaways

  • समिक भट्टाचार्य ने टीएमसी और वाम मोर्चा पर आरोप लगाए हैं।
  • मतदाता सूची में मृत मतदाताओं के नाम हैं।
  • विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
  • दावे और आपत्तियां 16 दिसंबर से 15 जनवरी तक दर्ज की जा सकती हैं।
  • अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी।

कोलकाता, 16 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर मतदाता सूची को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है। भाजपा सांसद और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और वाम मोर्चा पर तीखा हमला किया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि राज्य में लंबे समय से मृत मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में बने हुए हैं।

समिक भट्टाचार्य ने कहा कि पूरे देश में कई ऐसे मामले देखने को मिलते हैं जहां जिन मतदाताओं का निधन हो चुका है, उनके नाम अब भी मतदाता सूची में शामिल हैं। पश्चिम बंगाल में यह कोई नई बात नहीं है।

राज्यसभा सदस्य के अनुसार, 34 वर्षोंतृणमूल कांग्रेस ने भी उसी दिशा में आगे बढ़ना जारी रखा।

उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, "यदि वाम मोर्चा इसमें ग्रेजुएट था, तो तृणमूल कांग्रेस पोस्ट ग्रेजुएट है और यदि मौका मिला तो पीएचडी तक भी पहुंच सकती है।"

भाजपा सांसद समिक भट्टाचार्य ने स्पष्ट किया कि भारतीय नागरिकों का नाम ही वोटर लिस्ट में रहेगा और यही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि यह लक्ष्य पूरा किया जाएगा।

पश्चिम बंगाल में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और इसी को ध्यान में रखते हुए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है। मंगलवार को भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने पश्चिम बंगाल के लिए वर्ष 2026 की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी है।

निर्वाचन आयोग के अनुसार, ड्राफ्ट मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि 16 दिसंबर से 15 जनवरी 2026 तक रखी गई है। इस दौरान यदि किसी मतदाता का नाम सूची में नहीं है, या गलत दर्ज है, या किसी प्रकार का सुधार आवश्यक है तो वह आवेदन कर सकता है। इसके बाद आपत्तियों पर सुनवाई और सत्यापन की प्रक्रिया 16 दिसंबर से 7 फरवरी 2026 तक चलेगी। सभी दावों और आपत्तियों के निपटारे के बाद अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी।

Point of View

तो यह लोकतंत्र की नींव को कमजोर कर सकता है। सभी दलों को मिलकर इस मुद्दे का समाधान निकालना चाहिए।
NationPress
04/02/2026

Frequently Asked Questions

क्या वोटर लिस्ट में मृत मतदाताओं के नाम होने की समस्या आम है?
जी हां, यह समस्या पूरे देश में देखी गई है, और इसे समय-समय पर सुधारने की आवश्यकता होती है।
विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया क्या है?
यह प्रक्रिया मतदाता सूची में सुधार करने और सुनिश्चित करने के लिए की जाती है कि सभी सही नाम शामिल हों।
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