क्या यमुना एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी से निर्यात और रोजगार को मिलेगी नई रफ्तार?
सारांश
Key Takeaways
- यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में अपैरल पार्क का विकास
- महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर
- आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के अनुरूप
- क्लस्टर मॉडल पर उद्योगों का विकास
- लॉजिस्टिक्स लागत में कमी
लखनऊ, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश सरकार यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र को निर्यात आधारित औद्योगिक हब के रूप में विकसित करने के लिए तेजी से कार्यरत है। इस दिशा में, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के सेक्टर-29 में 175 एकड़ क्षेत्र में एक अपैरल पार्क का विकास किया जा रहा है। यह परियोजना प्रदेश को गारमेंट इंडस्ट्री के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस अपैरल पार्क के विकास से महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा मिलेगा। यह परियोजना प्रदेश सरकार की औद्योगिक नीति और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के अनुरूप है। राज्य सरकार के ‘मेक इन यूपी’ और भारत सरकार के ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियानों को भी मजबूती मिलेगी।
सेक्टर-29 का अपैरल पार्क खासकर रेडीमेड गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी निर्यात इकाइयों के लिए डिजाइन किया गया है। यहां लगभग 100 उत्पादन आधारित इकाइयां स्थापित की जाएंगी, जो घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए परिधान तैयार करेंगी। अपैरल पार्क को क्लस्टर मॉडल पर विकसित किया जा रहा है, जिससे उद्योगों को साझा सुविधाओं का लाभ मिल सके।
इस अपैरल पार्क की लोकेशन को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह क्षेत्र यमुना एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ा हुआ है और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निकट स्थित है। एयरपोर्ट के संचालन के बाद गारमेंट उत्पादों के निर्यात को नई गति मिलेगी। दिल्ली-एनसीआर के निकटता के कारण लॉजिस्टिक्स से जुड़ी लागत कम होगी और निर्यातकों को समय पर डिलीवरी की सुविधा मिलेगी, जो उनके लिए अत्यंत आवश्यक है।
परियोजना के अंतर्गत अपैरल पार्क में ‘कॉमन फैसिलिटी सेंटर’ विकसित किया जाएगा। इसमें डिजाइन सेंटर, ट्रेनिंग सेंटर, यूनिट टेस्टिंग लैब और क्वालिटी कंट्रोल से जुड़ी सुविधाएं शामिल होंगी। इसके साथ ही रिसर्च एंड डेवलपमेंट (आरएंडडी) सेंटर, मार्केटिंग सपोर्ट सिस्टम आदि की सुविधाएं भी निर्यातक इकाइयों को प्रदान की जाएंगी। सरकार का यह उद्देश्य है कि छोटे और मध्यम उद्यमों को महंगे इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश न करना पड़े और वे साझा संसाधनों का उपयोग कर लाभ उठा सकें। इससे उत्पादन लागत में कमी आएगी और उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी।
यह अपैरल पार्क रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस परियोजना के माध्यम से बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। सिलाई, डिजाइन पैटर्न मेकिंग, पैकेजिंग, क्वालिटी कंट्रोल और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। यह परियोजना प्रदेश की नीति के अनुकूल है।
योगी सरकार का ध्यान कच्चे माल आधारित उत्पादन से आगे बढ़कर वैल्यू एडेड मैन्युफैक्चरिंग पर है। अपैरल पार्क के माध्यम से प्रदेश में टेक्सटाइल इंडस्ट्री की पूरी वैल्यू चेन विकसित करने की योजना है। इससे किसानों, हथकरघा कारीगरों और छोटे उद्यमियों को भी अप्रत्यक्ष लाभ होगा। उत्तर प्रदेश अब निवेश और उद्योग के लिए अनुकूल वातावरण वाला प्रदेश बन गया है। जब यह परियोजना पूरी होगी तो यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।