हेजलवुड की 6 विकेट की घातक गेंदबाजी, ऑस्ट्रेलिया ने डरबन टेस्ट 214 रनों से जीता
सारांश
मुख्य बातें
जोश हेजलवुड की दूसरी पारी में तबाहकुन 6 विकेट की गेंदबाजी के दम पर ऑस्ट्रेलिया ने डरबन के किंग्समीड मैदान पर खेले गए पहले टेस्ट में साउथ अफ्रीका को 214 रनों से पराजित कर दिया। 421 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए साउथ अफ्रीका की पूरी टीम दूसरी पारी में 206 रन बनाकर ढेर हो गई और ऑस्ट्रेलिया ने दो मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली।
पाँचवें दिन का नाटकीय पतन
टेस्ट के पाँचवें दिन साउथ अफ्रीका ने 102/4 के स्कोर से दिन की शुरुआत की, लेकिन शेष 6 विकेट केवल 104 रन और जोड़ पाए। मेज़बान टीम की ओर से एडेन मार्करम ने सर्वाधिक 75 रन बनाए, जबकि डेविड बेडिंगहैम ने 46 रन का योगदान दिया। कप्तान टेंबा बावुमा को मैट रेनशॉ ने महज 1 रन पर पवेलियन भेज दिया।
ट्रिस्टन स्टब्स भी 1 रन ही बना सके। वियान मुल्डर ने कुछ प्रतिरोध दिखाया, लेकिन 29 रन बनाने के बाद हेजलवुड की गेंद पर विकेटकीपर एलेक्स कैरी को कैच दे बैठे। विकेटकीपर बल्लेबाज काइल वेरेने भी महज 1 रन पर वापस लौटे। मार्को जानसन ने 35 रन बनाकर संघर्ष की कोशिश की, किंतु वे भी हेजलवुड की गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गए।
साइमन हार्मर बिना खाता खोले पवेलियन लौटे, केशव महाराज 1 रन पर नाबाद रहे। अंत में एनरिक नॉर्टजे का विकेट लेकर हेजलवुड ने ऑस्ट्रेलिया की जीत पर मुहर लगाई। मैट रेनशॉ ने 2 और मिचेल स्टार्क तथा कप्तान पैट कमिंस ने 1-1 विकेट चटकाए।
रेनशॉ की दोहरी भूमिका ने पलटा मैच
पहली पारी में मैट रेनशॉ की शानदार 190 रनों की पारी की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने 390 रन का मज़बूत स्कोर खड़ा किया। जवाब में साउथ अफ्रीका मात्र 284 रन बनाकर सिमट गई, जिससे ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी में 106 रनों की अहम बढ़त मिली। दूसरी पारी में रेनशॉ ने फिर 82 रन जोड़े, जबकि निक मैडिनसन ने 48 रन बनाए और ऑस्ट्रेलिया ने 6 विकेट पर 314 रन बनाने के बाद पारी घोषित कर साउथ अफ्रीका के सामने 421 रनों का दुर्जेय लक्ष्य रखा।
हेजलवुड का दबदबा
इस मैच में जोश हेजलवुड निर्विवाद रूप से सबसे प्रभावशाली गेंदबाज रहे। दूसरी पारी में उनकी 6 विकेट की गेंदबाजी ने साउथ अफ्रीका की मध्यक्रम और निचले क्रम को पूरी तरह तोड़ दिया। गौरतलब है कि यह ऑस्ट्रेलिया की विदेशी धरती पर हालिया टेस्ट श्रृंखलाओं में एक सुसंगत पैटर्न की पुनरावृत्ति है, जहाँ तेज गेंदबाजों की चौकड़ी ने प्रतिद्वंद्वी टीमों को बार-बार ध्वस्त किया है।
आगे क्या
दो मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त के साथ ऑस्ट्रेलिया दूसरे टेस्ट में मनोवैज्ञानिक दबाव के साथ उतरेगा। साउथ अफ्रीका को अपने बल्लेबाज़ी क्रम की कमज़ोरियों — विशेषकर मध्यक्रम के जल्दी लड़खड़ाने की समस्या — को दूर करना होगा, यदि वे सीरीज में वापसी करना चाहते हैं।