बाबर आजम का 0-3 हार के बाद इकबाल-ए-जुर्म: 'गलतियों का विश्लेषण कर सर्वश्रेष्ठ इलेवन चुनेंगे'
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तानी कप्तान बाबर आजम ने 12 सितंबर 2026 को एजबेस्टन, बर्मिंघम में खेले गए तीसरे टेस्ट में इंग्लैंड के हाथों 8 विकेट से मिली करारी शिकस्त के बाद स्वीकार किया कि टीम को अपनी खामियों का गहन मंथन कर सर्वश्रेष्ठ प्लेइंग इलेवन तय करनी होगी। इस हार के साथ पाकिस्तान ने इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज 0-3 से गंवा दी — जो उनके लिए इस दौरे पर एक भी टेस्ट न जीत पाने का कड़वा सच है।
मैच का घटनाक्रम
तीसरे टेस्ट में पाकिस्तान की पहली पारी केवल 133 रन पर सिमट गई, जो उनकी बल्लेबाज़ी की नाजुकता को बेनकाब करती है। दूसरी पारी में टीम ने संघर्ष करते हुए 449 रन जोड़े और इंग्लैंड को 130 रन का लक्ष्य दिया। डेब्यूटेंट रजाउल्लाह ने असाधारण ऑलराउंड प्रदर्शन किया — पहली पारी में 4 विकेट लिए और दूसरी पारी में महज 63 गेंदों में 9 छक्के व 4 चौकों की मदद से 81 रन की तूफानी पारी खेली। शान मसूद ने 95 रन, बाबर आजम ने 76 रन और ओपनर अजान ओवैस ने 59 रन जोड़े।
लक्ष्य का पीछा करते हुए मोहम्मद अब्बास ने पहले ओवर में ही इंग्लैंड के दोनों सलामी बल्लेबाज़ों को पवेलियन भेज पाकिस्तान की उम्मीदें जगाईं। लेकिन कप्तान जो रूट (नाबाद 62) और जॉर्डन कॉक्स (नाबाद 59) ने तीसरे विकेट के लिए 128 रन की अटूट साझेदारी कर इंग्लैंड को आसानी से लक्ष्य तक पहुँचा दिया।
बाबर का आत्म-मंथन
मैच के बाद बाबर ने कहा, 'हमें बैठकर अपनी गलतियों पर विचार करना होगा। यह तय करना होगा कि किस तरह की प्लेइंग इलेवन हो और अपने खिलाड़ियों का चयन करना होगा। हम बैठेंगे, मैनेजर और चयनकर्ता आएंगे, और मैं भी बैठकर अपनी सर्वश्रेष्ठ इलेवन तय करूंगा।' उन्होंने यह भी माना कि मोहम्मद अब्बास की शुरुआती दो सफलताओं के बाद टीम को जीत की आस जगी थी, लेकिन रूट और कॉक्स की साझेदारी ने वह उम्मीद तोड़ दी — 'रूट और दोनों बल्लेबाज़ बहुत अच्छा खेल रहे थे।'
WTC स्टैंडिंग में और गहरी चोट
यह सीरीज हार सिर्फ स्कोरकार्ड तक सीमित नहीं रही। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) अंकतालिका में पाकिस्तान पहले से ही सबसे निचले 9वें स्थान पर था। एजबेस्टन की हार के बाद उनका पीसीटी (प्रतिशत अंक) 16.67% से घटकर 14.81% रह गया है। गौरतलब है कि टीम ने अब तक WTC चक्र में केवल दो मैच जीते हैं और 'स्लो ओवर-रेट' के कारण 8 अंक की अतिरिक्त कटौती भी झेली है। यह स्थिति दर्शाती है कि WTC फाइनल की दौड़ में पाकिस्तान कितनी कठिन स्थिति में है।
रजाउल्लाह की चमक — एक उज्ज्वल पहलू
निराशाजनक सीरीज में डेब्यूटेंट रजाउल्लाह एकमात्र रोशनी की किरण रहे। सीमित फर्स्ट-क्लास अनुभव के बावजूद उन्होंने पहले ही टेस्ट में गेंद और बल्ले दोनों से अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। बाबर ने उनकी तारीफ में कहा, 'वह बहुत प्रतिभाशाली हैं और अभी शुरुआती दौर में हैं। जिस तरह से उन्होंने यह मैच खेला और आत्मविश्वास दिखाया, वह काबिल-ए-तारीफ है।'
आगे की राह
बाबर ने माना कि इंग्लिश परिस्थितियाँ पाकिस्तान के बल्लेबाज़ों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहीं और पहले दो मैचों की पिचें विशेष रूप से कठिन थीं, जिसके कारण टीम को सीरीज के बीच में कई बदलाव करने पड़े। उन्होंने अलग-अलग परिस्थितियों के अनुकूल खेल शैली विकसित करने और युवा खिलाड़ियों को सही मौका देने पर जोर दिया। अब सभी की नज़रें चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन के उस मंथन पर होंगी जो पाकिस्तानी क्रिकेट की दिशा तय करेगा।